विदर्भ बनेगा देश की माइनिंग कैपिटल, कोल गैसीफिकेशन और रेयर अर्थ एलिमेंट्स से चमकेगी किस्मत

Vidarbha Mining Capital: कोयला मैंगनीज और रेयर अर्थ एलिमेंट्स के विशाल भंडारों के दम पर विदर्भ देश की माइनिंग कैपिटल के रूप में उभर रहा है। वेकोलि CMD हेमंत शरद पांडे ने इसके बड़े फायदों पर चर्चा की।
Coal Gasification Project Nagpur
कोयला बड़ा भंडार सोर्स- सोशल मीडिया
Published on: 
Updated on: 

Highlights

  • वेकोलि के CMD हेमंत शरद पांडे ने विदर्भ को संभावित माइनिंग कैपिटल बताया।

  • उनके मुताबिक, खनन क्षेत्र का प्रत्यक्ष कारोबार करीब 50,000 करोड़ है।

  • विदर्भ में चार कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं को मंजूरी मिलने की जानकारी दी गई।

  • कोल इंडिया और BPCL की एक परियोजना में लगभग 13,700 करोड़ के निवेश का उल्लेख किया गया।

Coal Gasification Project Nagpur: विदर्भ की ताकत खनिज है। कोयला, मैंगनीज, आयरन ओर, लाइमस्टोन से लेकर यहां पर विविध प्रकार की खनिजों का बड़ा भंडार है। सबसे बड़ी बात यह है कि यहां पर खनिज खोजने से लेकर उत्खन्न करने वाली कंपनियां एक ही परिधि में हैं।

देश में खनिजों के लिए नियम बनाने वाली सबसे बड़ी नियामक संस्था आईबीएम भी यहीं है। बावजूद इसके विदर्भ खनिज सेक्टर में अपनी संगठित पहचान बना नहीं पा रहा था लेकिन पिछले कुछ वर्षों में हुए ठोस प्रयासों से विदर्भ 'माइनिंग कैपिटल' की तरफ बढ़ने लगा है।

कोल गैसीफिकेशन के सबसे अधिक प्लांट भी विदर्भ में आने वाले हैं जो इस सेक्टर को काफी मजबूती प्रदान करेगा। सबसे अहम बात यह है कि रेयर अर्थ तत्व भी बड़े पैमाने पर पाए जा रहे हैं। गैसीफिकेशन और रेयर अर्थ एलिमेंट्स खनन सेक्टर को जबरदस्त बूस्ट देने जा रहा है।

नवभारत से चर्चा करते हुए पांडे ने कहा कि कैपिटल के लिए विदर्भ

यह विचार वेस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड के अध्यक्ष तथा प्रबंध निदेशक हेमंत शरद पांडे ने व्यक्त किए। 'नवभारत' से चर्चा करते हुए पांडे ने कहा कि माइनिंग कैपिटल के लिए विदर्भ से अच्छा विकल्प हो ही नहीं सकता। 'खोज उत्पाद और शोध' से जुड़ीं तमाम सुविधाएं एक ही शहर में हैं। ऐसा संयोग देश में कहीं और देखने को नहीं मिलता है।

भारतीय खान ब्यूरो (आईबीएम) गौण खनिज क्षेत्र का नियंत्रण करता है, नियम बनाता है और विकास-समृद्धि का रोड मैप तैयार करता है जिसका मुख्यालय नागपुर में है। देश में खनिज कहां है और कितना है। इसका पता लगाने वाली देश की सबसे बड़ी पब्लिक सेक्टर यूनिट खनिज अन्वेषण और परामर्श लिमिटेड (एमईसीएल) का मुख्यालय भी यहां है।

इसी प्रकार मैंगनीज की सबसे बड़ी उत्पादक कंपनी खनिज अन्वेषण और परामर्श लिमिटेड मॉयल का मुख्यालय यहां है। इसके बाद कोयले के लिए वेस्टर्न कोल फील्ड्स लि. वेकोलि, शोध करने वाली प्रमुख संस्था द इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च एंड डेवलपमेंट (सिंफर) का मजबूत साथ मिल रहा है। इन सभी सरकारी कंपनियों के साथ अब निजी क्षेत्र की कंपनियां भी लाखों करोड़ रुपये का निवेश खनन क्षेत्र में कर रही है। ये इको सिस्टम देश के किसी और हिस्से में नहीं है।

Coal Gasification Project Nagpur
प्रेमिका को चलती ट्रेन से दिया धक्का, सनकी TTE भुसावल से गिरफ्तार, नागपुर GRP की बड़ी कार्रवाई

माइनिंग के भरोसे विदर्भ में 50,000 करोड़ का प्रत्यक्ष टर्नओवर

उन्होंने बताया कि माइनिंग के भरोसे विदर्भ में आज लगभग 50,000 करोड़ का प्रत्यक्ष टर्नओवर हो रहा है।

कोयला, लाइमस्टोन, मैगनीज और आयरन और इसमें प्रमुख भूमिका निभा रहा है, खनन क्षेत्र से ही रेलवे, ट्रांसपोर्ट, बिजली से लेकर कई छोटे-बड़े उद्योग को काम मिल रहा है जिसके कारण लाखों करोड़ रुपये का टर्नओवर केवल एक सेक्टर दे रहा है।

कई सीमेंट फैवट्रियां लाइमस्टोन के भरोसे विदर्भ में निवेश कर रही हैं। लगभग 1-1।5 लाख को प्रत्यक्ष रोजगार खनन सेक्टर से मिला हुआ है। वेकोलि में ही 35,000, मॉयल में लगभग 10,000 सहित सीमेट कंपनियों में हजारों कामगार काम कर रहे हैं।

4 गैसीफिकेशन प्रोजेक्ट में हजारों करोड़ का निवेश

पांडे ने कहा कि अब नई टेक्नोलॉजी के अनुसार भी विदर्भ आगे बढ़ने जा रहा है। देश में केवल विदर्भ ही एक ऐसा क्षेत्र है जहां पर 4-4 कोल गैसीफिकेशन प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है।

13.700 करोड़ का एक प्रोजेक्ट कोल इंडिया लि. और BPCL लगाने जा रही है। इसी प्रकार ईरा एनजीं की हजारों करोड़ का प्रोजेक्ट ला रही है। कंपनी को भी जमीन मिल चुकी है और काम भी शुरू हो गया है।

अन्य 2 कंपनियों के भी जल्द शुरू होने की संभावना है। गैसीफिकेशन प्रोजेक्ट से भी एक ओर जहां रोजगार बढ़ेगा, टर्नओवर में वृद्धि होगी वहीं नई ऊर्जा स्रोत को बल मिलने जा रहा है।

एडवांटेज देगा रेयर अर्थ एलिमेंट

पांडे ने बताया कि आने वाले दिनों में विदर्भ का सबसे बड़ा एडवांटेज रेयर अर्थ एलिमेट बनने जा रहा है। विदर्भ क्षेत्र के खदानों में बड़ी संख्या में रेयर अर्थ एलिमेंट मिल रहे है जो इलेक्ट्रॉनिक्स और कृषि क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

विश्व भर में इन तत्वों की मांग है जिसका बड़े पैमाने पर उपयोग हो सकता है। आरंभिक आकलन बता रहे हैं कि कई तत्व यहां पर बड़ी संख्या में हैं जो देश के आर्थिक विकास में अहम योगदान देंगे।

Coal Gasification Project Nagpur
तिरंगा फहराना अपराध कैसे? CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार को घेरा, विदेशी फंडिंग पर दी चुनौती

गड़चिरोली बना हॉट केक

अर्से बाद गडचिरोली हॉट केक बन चुका है, आयरन ओर के उत्खन्न बड़े पैमाने पर हो रहा है। गड़चिरोली ने इकोसिस्टम को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।

सीएम देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के प्रयासों से अब तक हजारों करोड़ का निवेश हो चुका है और लाख-दो लाख करोड़ और निवेश होना अपेक्षित है। खनन क्षेत्र को मजबूती देने के लिए इससे बेहतर विकल्प हो ही नहीं सकता। इसकी बदौलत कई बड़े प्लांट भी आकर्षित हो रहे हैं।

नीरज नंदन नवभारत।

Navbharat Live
navbharatlive.com