विदर्भ झुलसा, अकोला और अमरावती में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, 80 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी की चेतावनी
Vidarbha Heatwave: विदर्भ में अकोला सबसे गर्म जिला रहा। भीषण लू से एक की मौत। मौसम विभाग ने 27 अप्रैल से 80 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
- Written By: गोरक्ष पोफली
हीटवेव की प्रतीकात्मक फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
Akola Temperature 46.9: विदर्भ क्षेत्र में सूरज के तल्ख तेवर अब जानलेवा साबित होने लगे हैं। पिछले कुछ दिनों से जारी प्रचंड गर्मी और लू (Vidarbha Heatwave) ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। रविवार को विदर्भ का अकोला जिला पूरे क्षेत्र में ‘हॉटस्पॉट’ बना रहा, जहाँ अधिकतम तापमान 46.9°C दर्ज किया गया। गर्मी की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि परभणी में लू की चपेट में आने से एक व्यक्ति की दुखद मृत्यु हो गई है।
तापमान का मीटर: जिलों का हाल
विदर्भ के लगभग सभी जिलों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है। अमरावती में तापमान 46.8°C और वर्धा में 46.4°C दर्ज किया गया, जिससे दोपहर के समय सड़कें पूरी तरह सूनी नजर आईं। नागपुर में भी 45.4°C तापमान के साथ भीषण गर्मी का प्रकोप रहा। अन्य प्रमुख शहरों में चंद्रपुर (45.0°C), गड़चिरोली (44.6°C), और वाशिम (44.6°C) में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। हवा में आर्द्रता (Humidity) 28% से 60% के बीच रहने के कारण उमस और चुभन वाली गर्मी ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
प्रशासनिक मुस्तैदी और स्वास्थ्य सलाह
भीषण गर्मी को देखते हुए स्थानीय प्रशासन हाई अलर्ट पर है। जिला अस्पतालों में ‘कोल्ड वार्ड’ तैयार किए गए हैं ताकि हीट स्ट्रोक के मरीजों का तत्काल उपचार किया जा सके। डॉक्टरों ने नागरिकों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सख्त हिदायत दी है। शरीर में पानी की कमी न होने देने के लिए तरल पदार्थों के सेवन और सूती कपड़ों के उपयोग की अपील की गई है।
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धूल भरी आंधी और बारिश की संभावना
जहाँ एक तरफ विदर्भ भीषण गर्मी से झुलस रहा है, वहीं मौसम विभाग ने एक राहत भरी लेकिन चेतावनीपूर्ण भविष्यवाणी की है। एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज बदलने वाला है। 27 अप्रैल से 1 मई के बीच उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने की संभावना है। यह सिस्टम गर्मी की तीव्रता को तो जरूर कम करेगा, लेकिन तेज आंधी और बिजली गिरने के कारण जान-माल का खतरा भी पैदा हो सकता है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में बारिश के साथ बर्फबारी की भी उम्मीद है, जिसका असर मैदानी इलाकों के तापमान में गिरावट के रूप में दिखेगा।
