महाराष्ट्र FDA की कमान मुंढे के हाथ, मिलावट माफिया पर कस सकता है शिकंजा; खाद्य सुरक्षा पर बढ़ी उम्मीद
Nagpur Tukaram Mundhe: महाराष्ट्र में खाद्य मिलावट पर सख्ती की उम्मीद बढ़ी है। वरिष्ठ आईएएस तुकाराम मुंढे को एफडीए आयुक्त नियुक्त किए जाने के बाद विभाग में बड़े बदलाव की चर्चा तेज हो गई है।
- Written By: अंकिता पटेल
तुकाराम मुंढे, एफडीए आयुक्त, (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur FDA Commissioner: नागपुर पूरे महाराष्ट्र में आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाला मिलावटखोरी का ‘गोरखधंधा’ बेधड़क और बेखौफ जारी है। सबसे शर्मनाक बात यह है कि न तो आका बने बैठे नेता और न ही जिम्मेदार अधिकारी इसे गंभीरता से लेते हैं। इस महा-भ्रष्ट व्यवस्था के बीच राज्य सरकार ने एक ऐसा दांव खेला है जिसने समूचे महकमे में भूचाल ला दिया है। अपनी कड़क कार्यशैली और बेदाग ईमानदारी के लिए मशहूर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे को खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) का नया आयुक्त नियुक्त किया गया है।
मुंढे की इस नियुक्ति के बाद से ही राज्य के भ्रष्ट एफडीए अधिकारियों और मिलावटखोरों के पसीने छूटने लगे हैं। अफसरों की सरपरस्ती में चल रहा था खेल अब तक राज्य में एफडीए की कार्यप्रणाली केवल ‘सुपारी किलिंग’ जैसी बनकर रह गई थी।
सूत्रों की मानें तो अधिकारियों का पूरा ध्यान केवल बड़े और खास टारगेट पर रहता था जहां से मोटी ‘मलाई’ काटी जा सके। रोजमर्रा के इस्तेमाल होने वाले सामान्य खाद्य उत्पादों (जैसे दूध, तेल, मसाले और मावे) में धड़ल्ले से हो रही मिलावट आकाओं पर और अफसरों की नजरें कभी नहीं जाती थीं।
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वसूलीबाजों का नागपुर मॉडल
नागपुर संभाग तो इस मामले में कुख्यात हो चुका है। यहां बेधड़क और संगठित रूप से अवैध वसूली की जा रही थी। व्यापारियों को डरा-धमकाकर हर महीने करोड़ों की उगाही की जाती थी और जनता को जहर परोसा जा रहा था। लेकिन अब नागपुर संभाग के इन ‘वसूलीबाज’ अधिकारियों की रातों की नींद और दिन का चैन पूरी तरह उड़ चुका है।
ईमानदारी के तमगे से कांपते हैं भ्रष्टाचारी
तुकाराम मुंढे कोई साधारण अधिकारी नहीं है, पिछले 21 वर्षों के सेवाकाल में उनका 25 बार ट्रांसफर किया जा चुका है। नेताओं और भ्रष्ट गठजोड़ के सामने घुटने न टेकने की उनकी इसी आदत ने उन्हें ‘सजा’ के तौर पर बार-बार तबादले दिलाए लेकिन उन्होंने कभी सिद्धांतों से समझौता नहीं किया, उनका अपना एक बेहद मजबूत और गोपनीय नेटवर्क है।
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इस नेटवर्क के जरिए वे सीधे उन भ्रष्ट अधिकारियों पर गाज गिराने की तैयारी में है जो अब तक मिलावटखोरों से साठगांठ कर अपनी जेबें भर रहे थे। मुंढे का एफडीए कमिश्नर बनना महाराष्ट्र की आम जनता के हित में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। आम नागरिक जो लंबे समय से जहरीले और मिलावटी सामानों को खाने पर मजबूर थे, अब उम्मीद लगा रहे हैं कि मिलावटखोरी पर पूर्ण अंकुश लगेगा।
