महाराष्ट्र FDA का बड़ा एक्शन: तुकाराम मुंढे के आदेश पर पतंजलि की दिव्य फार्मेसी पर छापा, लाखों की दवाएं जब्त

Ayurvedic Medicine Raid: एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे के कड़े निर्देश पर दिव्य फार्मेसी के खिलाफ राज्यव्यापी कार्रवाई। भ्रामक विज्ञापनों और झूठे दावों के आरोप में 73 लाख रुपये से अधिक की दवाएं जब्त।
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दिव्य फार्मेसी में जारी रेड (सोर्स: फाइल फोटो)
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Maharashtra FDA Action: महाराष्ट्र में लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अन्न व औषध प्रशासन (एफडीए) ने एक बड़ी राज्यव्यापी मुहिम शुरू की है। आयुक्त तुकाराम मुंढे के आदेश पर 'औषधि और चमत्कारिक उपचार (आपत्तिजनक विज्ञापन) अधिनियम 1954' के तहत राज्यभर में ताबड़तोड़ छापे मारे गए हैं। इस अभियान में पतंजलि उत्पाद समूह की 'दिव्य फार्मेसी' (हरिद्वार) सहित कई प्रतिष्ठानों से कुल 73,24,656/- रुपए की भ्रामक विज्ञापनों वाली और मिसब्रांडेड दवाएं जब्त की गई हैं। दिव्य फार्मेसी द्वारा गंभीर बीमारियों पर चमत्कारी इलाज के झूठे और प्रतिबंधित दावे करने के कारण ही प्रशासन ने यह बड़ी कार्रवाई की है, जो सीधे तौर पर पतंजलि के खिलाफ इस कड़े कदम को सही ठहराती है।

राज्यभर में अभूतपूर्व छापेमारी

नवनियुक्त आयुक्त तुकाराम मुंढे ने 25 मई 2026 को कार्यभार संभालते ही राज्य के सभी अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए थे। इसके बाद 29 मई 2026 को मुंबई, कोंकण, पुणे, नाशिक, अमरावती, नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर संभागों के 7 जिलों में स्थित 12 आयुर्वेदिक औषधि केंद्रों पर एक साथ बड़ी कार्रवाई की गई। बाजार में गंभीर बीमारियों के चमत्कारी इलाज का झूठा दावा करने वाली दवाओं पर औषध निरीक्षकों ने यह कार्रवाई की है।

दिव्य फार्मेसी की दवाओं की जब्ती का विवरण

इस कार्रवाई के तहत दिव्य फार्मेसी की दवाओं पर विभिन्न संभागों में भारी जब्ती हुई है। इसके अंतर्गत कोंकण में 18,58,000 रुपए, पुणे में 14,68,981 रुपए, नागपुर में 7,26,755 रुपए, नाशिक में 7,10,945 रुपए, मुंबई में 1,85,600 रुपए, अमरावती में 1,42,229 रुपए तथा छत्रपति संभाजीनगर में 48,718 रुपए की दवाएं पकड़ी गई हैं। इसके अलावा पुणे संभाग से 21,83,428 रुपए की 2 एलोपैथी मिसब्रांडेड दवाएं भी जब्त हुई हैं। आयुक्त ने कहा कि सुरक्षित भोजन और दवाएं नागरिकों का बुनियादी अधिकार हैं और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अब सीधे अदालती कार्रवाई होगी।

भ्रामक विज्ञापनों से बचें और करें शिकायत

एफडीए प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे भ्रामक विज्ञापनों पर विश्वास न करें और बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं न लें। सेल्फ-मेडिकेशन से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए गड़बड़ी दिखने पर प्रशासन के पास शिकायत दर्ज कराएं। नागरिकों के लिए जल्द ही नया मोबाइल ऐप विकसित होगा और टोल-फ्री नंबर चालू किया गया है। अवैध दवाओं की शिकायत करने वालों की गोपनीयता बनाए रखकर त्वरित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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