नागपुर तीसरे आउटर रिंग रोड प्रोजेक्ट में आई तेजी! NMRDA अलग-अलग तहसीलों में बनाएगा 4 बड़े ट्रांसपोर्ट प्लाजा
Nagpur Transport Plaza: नागपुर के 148 किमी लंबे तीसरे आउटर रिंग रोड प्रोजेक्ट के तहत चार ट्रांसपोर्ट प्लाजा बनाए जाएंगे। एनएमआरडीए ने भूमि अधिग्रहण और कानूनी जांच की प्रक्रिया तेज कर दी है।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर, तीसरा आउटर रिंग रोड, एनएमआरडीए, ट्रांसपोर्ट प्लाजा,प्रतीकात्मक तस्वीर (साेर्स: एआई फोटो)
Nagpur Third Outer Ring Road Transport Plazas: 148 किमी लंबे और 120 मीटर चौड़े तीसरे आउटर रिंग रोड परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर नागपुर महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एनएमआरडीए) ने तैयारी शुरू कर दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पहले चरण और दूसरे चरण के लिए बड़े पैमाने पर काम में तेजी दिखने लगी है।
तीसरे आउटर रिंग के इसी मेगा प्रोजेक्ट के तहत अलग-अलग स्थानों पर चार बड़े ट्रांसपोर्ट प्लाजा (बस व ट्रक टर्मिनल) बनाए जाएंगे। आउटर रिंग रोड के लिए अधिग्रहित की जाने वाली जमीनों को भविष्य के किसी भी कानूनी विवाद से सुरक्षित रखने के लिए एनएमआरडीए ने कानूनी जांच की प्रक्रिया शुरू की है। इस प्रक्रिया से बीएस और ट्रक टर्मिनल बनाने के काम को निश्चित रूप से बल मिलेगा।
आउटर रिंग रोड पर 4 बस-ट्रक टर्मिनल बनेंगे
एनएमआरडीए के अनुसार आउटर रिंग रोड परियोजना अंतर्गत हिंगना तहसील के तुरागोंडी व शिरुल गांव, कामठी तहसील के पारसोड गांव और पारशिवनी तहसील के इतगांव में बस और ट्रक टर्मिनल बनाए जाएंगे।
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तीसरे आउटर रिंग रोड परियोजना के लिए प्राधिकरण ने चार प्रमुख स्थानों को चिन्हित किया है। इसके तहत परियोजना में नागपुर (ग्रामीण), हिंगना, मौदा, पारशिवनी और कलमेश्वर सहित कुल 5 प्रमुख तहसीलों की लगभग 1235.95 हेक्टेयर निजी भूमि का सत्यापन किया जाएगा, जिसमे कुल 4817 सर्वे अथवा गुट नंबर शामिल हैं।
जमीनों की कानूनी जांच के लिए वकील नियुक्त करेगा NMRDA
इस कानूनी काम को पारदर्शी तरीके से पूरा करने के लिए एनएमआरडीए अधिवक्ताओं की नियुक्ति करेगा, अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना के सुचारु क्रियान्वयन और भविष्य में मुआवजे या मालिकाना हक को लेकर कोई पेच न फंसे, इसके लिए एनएमआरडीए अनुभवी वकीलों की सेवाएं लेगा।
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ये वकील संबंधित तहसीलदारों और उपपंजीयक कार्यालयों के समन्वय से जमीनों के पिछले 30 वर्षों के राजस्य रिकॉर्ड, गांव नमूना सातबारह, म्यूटेशन और पिछले 15 वर्षों के खरीद-बिक्री के पंजीकृत दस्तावेजों की बारीकी से जाव कर एक स्पष्ट कानूनी जांच रिपोर्ट तैयार कर एनएमआरडीए को सौंपेंगे, जल्दी ही अधिवक्ताओं की नियुक्ति कर काम शुरू किया जाएगा।
- जमीनों की कानूनी जांच के लिए होगी अधिवक्ताओं की नियुक्ति।
- 1235.95 हेक्टेयर निजी भूमि का होगा वैरिफिकेशन।
- खंगाला जाएगा 4,817 जमीनों का 30 साल पुराना रिकॉर्ड।
