

Nagpur DM Assured Ring Road Farmers Compensation : नागपुर में प्रस्तावित थर्ड आउटर रिंग रोड प्रकल्प से प्रभावित होने वाले किसानों की जमीन और मुआवजे से जुड़ी मांगों को लेकर किसान संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों की जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद के साथ बैठक हुई। एसडीएम प्रियांश महाजन की पहल पर आयोजित इस बैठक में किसानों ने जमीन का उचित मुआवजा, जबरन अधिग्रहण पर रोक, जलमग्न होने वाले गांवों के लिए प्रभावी उपाययोजना तथा प्रभावित परिवारों के लिए भूखंड और पुनर्वास की व्यवस्था की मांग रखी।
बैठक में जिलाधिकारी ने किसानों को आश्वासन दिया कि जमीन की दर निर्धारित करने के संबंध में अगले आठ दिनों में निर्णय लेकर बाजार भाव घोषित करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि किसानों की सहमति के बिना जबरन जमीन की माप के लिए अधिकारियों को नहीं भेजा जाएगा। इस मुद्दे पर अगले सप्ताह फिर बैठक आयोजित की जाएगी।
किसानों ने जमीन का बाजार भाव किस आधार पर निर्धारित किया जाएगा, इसे लेकर स्पष्ट नीति घोषित करने की मांग की। उनका कहना था कि रेडीरेकनर में दर्ज दर, पिछले तीन वर्षों में हुई जमीन की रजिस्ट्रियों की दर और वास्तविक बिक्री के दौरान दी गई रकम में काफी अंतर है। ऐसे में मुआवजा निर्धारित करते समय वास्तविक बाजार मूल्य को ध्यान में रखा जाना चाहिए, ताकि प्रभावित किसानों को न्यायसंगत मुआवजा मिल सके।
नागपुर आउटर रिंग रोड प्रकल्प के कारण कुछ गांवों और कृषि भूमि के जलमग्न होने की संभावना भी जताई गई। किसानों ने मांग की कि ऐसे क्षेत्रों के लिए पहले से आवश्यक उपाय किए जाएं। प्रभावित किसानों और ग्रामीणों के लिए पानी निकासी, सुरक्षा तथा अन्य जरूरी सुविधाओं का प्रावधान करने पर भी चर्चा हुई।
इसके अलावा किसानों ने यह भी पूछा कि जमीन के मुआवजे के साथ प्रभावित परिवारों को भूखंड दिए जाएंगे या नहीं, तथा पुनर्वास के तहत कौन-कौन सी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन सभी प्रावधानों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की गई।
किसानों ने रिंग रोड से प्रभावित होने वाले सभी 14 गांवों के किसानों की सामूहिक बैठक आयोजित कर प्रकल्प की विस्तृत जानकारी देने की मांग भी रखी। अब नागपुर किसानों की नजर अगले सप्ताह होने वाली बैठक और जमीन के बाजार भाव को लेकर प्रशासन के फैसले पर है।