वाकी दरबार में दिखे बाबा ताजुद्दीन के पदचिन्ह, भक्त दूर-दूर से आ रहे दर्शन करने
नागपुर के सावनेर तहसील के वाकी में स्थित बाबा ताजुद्दीन का प्रसिद्ध दरबार है, जहां चमत्कारों की कभी कोई कमी नहीं रही। आज भी यहां इमली का पेड़ मौजूद हैं जिसके नीचे बाबा ने अपने 12 वर्ष गुजारे थे। दरबार में हर गुरुवार को भक्तों का मेला लगता है। ऐसे में अचानक दरबार परिसर में भक्तों को पदचिन्ह दिखाई दिये।
- Written By: शुभम सोनडवले
बाबा ताजुद्दीन के पदचिन्ह
सावनेर. नागपुर के सावनेर तहसील के वाकी में स्थित बाबा ताजुद्दीन का प्रसिद्ध दरबार है, जहां चमत्कारों की कभी कोई कमी नहीं रही। आज भी यहां इमली का पेड़ मौजूद हैं जिसके नीचे बाबा ने अपने 12 वर्ष गुजारे थे। दरबार में हर गुरुवार को भक्तों का मेला लगता है। ऐसे में अचानक दरबार परिसर में भक्तों को पदचिन्ह दिखाई दिये। लोगों को कुछ समझ नहीं आ रहा था क्योंकि ये पदचिन्ह मिटाने से भी नहीं मिट रहे थे।
ऐसा कहा जा रहा है कि बाबा ने साक्षात दरगाह के सामने वाले झंडे के पास दर्शन दिए। सुबह 4.30 बजे दरगाह की सेवाधारी महिलाएं परिसर की सफाई करने आईं। उन्हें कदमों के चमकते निशान दिखाई दिये। उन निशानों को बार-बार रगड़कर पोछा गया लेकिन वह निशान नहीं मिटे। कुछ देर बाद भक्तों का दरबार में आना शुरू हो गया और इसकी जानकारी दरगाह के डाहाके पाटिल को दी गई। बाबा के पदचिन्हों की खबर आग की तरह परिसर में फैल गई। इन निशानों को देखने भक्तों की भीड़ इकट्ठा होने लगी। शुक्रवार को दिनभर सोशल मीडिया पर भी दरबार के इस चमत्कार की चर्चा रही।
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11 इंच के पदचिन्ह और 11 इंच की पादुका भी
दरबार की सेवाधारी महिलाओं ने बताया कि बाबा के कदमों के निशान दरगाह परिसर में उमड़े हैं। उन कदमों के निशान का साइज 11 इंच है और बाबा की पादुका साइज भी 11 इंच का ही है। 8 अगस्त के दिन बाबा के कदम भी 8 ही नजर आ रहे हैं। ऐसे में भक्त इसे चमत्कार के नजरिये से देख रहे हैं। इन निशानों को देखने लगातार भीड़ उमड़ रही है और इन पदचिन्हों की भक्त पूजा भी कर रहे हैं।
