नागपंचमी पर इन 7 नागों की पूजा करने से मिलता हैं शुभ फल, जानिए पूजा का महत्व

आज देशभर में नागपंचमी का त्योहार मनाया जा रहा हैं इस दिन भगवान शिव के साथ नाग देवता की पूजा की जाती है। वहीं पर अगर आप नागपंचमी की पूजा का महत्व प्राप्त करना चाहते हैं तो, तीनों लोकों के विशेष नागों की पूजा कर सकते हैं।
Nagpanchami 2024, Nag devta
7 नागों की पूजा का महत्व (सौ.सोशल मीडिया)
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देशभर में नागपंचमी का त्योहार जहां पर हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा हैं इस दिन भगवान शिव औऱ नाग देवता की विधि विधान से पूजा करने का महत्व होता हैं। नागपंचमी में कई मंदिरों में नागदेवता के कई रूपों की पूजा की जाती हैं उनमें शामिल 7 नाग ऐसे हैं जिनकी पूजा करने से शुभ फल औऱ सर्प भय से मुक्ति मिलती है। अगर आप काल सर्प या सर्प दोष से गुजर रहे हैं तो आज पूजा करने से आपको निवारण मिलता है। चलिए जानते हैं...

जानिए किन 7 नागों की करनी चाहिए पूजा

नागपंचमी के दिन प्रमुुख रूप से इन 7 नागों की पूजा करें इनका संबंध तीनों युगों से संबंध रखता है।

1- शेषनाग

सबसे पहले बात करें तो आज के दिन नाग देवता शेषनाग की पूजा करनी चाहिए वे भगवान विष्णु के सेवक है और शेषनाग पाताल लोक के राजा कहलाते हैं। कहा जाता हैं शेषनाग के फन पर धरती टिकी हुई है वहीं पर उन्हें रामायण काल में लक्ष्मण शेषनाग के अवतार के रूप में माना जाता है। वहीं महाभारत में बलराम में शेषनाग का अंश माना जाता है वे कश्यप ऋषि की पत्नी कद्रू के पुत्र हैं।

2- वासुकि

भगवान शिव के कंठ में धारित नाग देवता वासुकि की पूजा का महत्व होता है। समुद्र मंथन के दौरान वासुकि नाग को ही नेती (रस्सी) बनाया गया था। इन्हें विशाल नाग और भगवान शिव के सेवक के रूप में जानते हैं।

3- तक्षक

विशेष नाग में से एक नाग देवता तक्षक का नाम सामने आता हैं। महाभारत काल में शमीक मुनि के शाप के कारण तक्षक नाग ने राजा परीक्षित को डंस लिया था। पिता की मृत्यु का बदला लेने के लिए परीक्षित के पुत्र जनमेजय ने सभी सर्पों का नाश करने के लिए यज्ञ किया था ब्रह्माजी के वरदान के कारण आस्तिक मुनि ने इस यज्ञ को समाप्त करवाकर नागों के प्राण बचाए इस दिन सावन की पंचमी तिथि थी इस दिन को नागपंचमी के लिए रूप में मनाते हैं।

4- कर्कोटक

नागपंचमी पर कर्कोटक नागदेवता की पूजा होती हैं वे भगवान शिव के गण हैं। कर्कोटक नाग ने जनमेजय के नाग यज्ञ से बचने के शिवजी की स्तुति थी।

5- पद्म

नागपंचमी पर पद्म नाग देवता की पूज की जाती हैं मान्यता है कि पद्म नागों का गोमती नदी के पास के नेमिश क्षेत्र पर शासन हुआ करता था. बाद में मणिपुर में बस गए, जिन्हें असम में नागवंशी कहा जाता है।

6- कुलिक

नागपंचमी पर कुलिक नाग देवता की पूज की जाती हैं, कुलिक नाग को ब्राह्मण कुल का माना गया है. मान्यता के अनुसार इनका संबंध ब्रह्मा जी से है।

7- शंख

नागपंचमी पर शंख नाग देवता की पूज की जाती हैं,शंख नाग अन्य नागों की अपेक्षा सबसे बुद्धिमान माना गया है।

जानिए नागपंचमी का सावन में महत्व

सावन महीने की पंचमी तिथि को नागपंचमी मनाने का महत्व होता हैं ऐसी मान्यता है कि इस दिन नागों की पूजा से विषैले सर्पों से बचाव होता है और जीवन में उन्नति और समृद्धि आती है. इसीलिए सावन माह की नाग पंचमी नागों को प्रिय है और उन्हें आनंद देने वाली है। अगर सावन के महीने में आपको सांप नजर आते हैं तो इसे भगवान शिव की कृपा बनी रहती हैं।

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