600 करोड़ का व्यापार लेकिन विकास से कोसों दूर, 370 करोड़ के सीमेंट रोड पर उठे सवाल

Nagpur Tajbagh Roads: नागपुर मनपा सदन में ताजबाग की बदहाल सड़कों और सुविधाओं का मुद्दा उठा। पार्षद शकील अहमद ने 370 करोड़ के सीमेंट रोड के बावजूद ताजबाग की अनदेखी पर सवाल उठाए।
600 crore in trade yet miles away from development
नागपुर के ताजबाग की बदहाल सड़केंनवभारत डिजाइन फोटो
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Tajbagh Road Development: नागपुर महानगर पालिका के सदन में शहर के प्रमुख पर्यटन व धार्मिक स्थल ताजबाग की बदहाल सड़कों और नागरिक सुविधाओं की अनदेखी का मुद्दा जोरों से गूंजा।

एमआईएम पार्षद शकील अहमद ने प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए सवाल किया कि जिस ताजबाग परिसर से सरकार को भारी राजस्व मिलता है वहां अब तक विकास के नाम पर एक भी सीमेंट सड़क क्यों नहीं बनाई गई।

सदन में ध्यानाकर्षण करते हुए उन्होंने बताया कि नागपुर मनपा ने शहर में 370 करोड़ रुपये के सीमेंट रोड बनाए हैं लेकिन प्रभाग क्रमांक 30 स्थित ताजबाग को इससे वंचित रखा गया।

उन्होंने ताजबाग के आर्थिक महत्व को समझाते हुए कहा कि वहां लगने वाले मेले में लगभग 100 करोड़ रुपये का व्यापार होता है। इसके अलावा यहां के साप्ताहिक बाजार में हर हफ्ते 10 करोड़ रुपये का कारोबार होता है जो सालाना (50 हफ्तों में) 500 करोड़ रुपये तक पहुंचता है। कुल मिलाकर इस पर्यटन स्थल पर 600 करोड़ रुपये का व्यापार होता है। अगर न्यूनतम 10% जीएसटी भी माना जाए तो यहां से 50 से 60 करोड़ रुपये का सीधा राजस्व प्राप्त होता है।

इंदोरा-बेझनबाग में सड़कें नदारद

चर्चा के दौरान पार्षद विवेक निकोसे ने मनपा के अधिकारियों के प्रति कड़ा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मनपा कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में सीमेंट सड़कें बनवा रही है लेकिन अविकसित इंदोरा, बेझनबाग, गड्डीगोदाम, नजूल कॉलोनी और उत्तर नागपुर में सड़कों का विकास नहीं हो रहा है।

उन्होंने उपेक्षित क्षेत्रों के विकास की मांग को बलपूर्वक उठाया। उन्होंने कहा कि आंबेडकर जयंती का विश्वव्यापी सबसे बड़ा उत्सव इंदौरा विहार में मनाया जाता है, जहां सड़क मरम्मत के लिए बार-बार किए गए अनुरोधों को नजरअंदाज किया जा रहा है।

अमृत योजना ने बढ़ाई मुसीबत 80 फीट की सड़क खुदी

इस मुद्दे का समर्थन करते हुए विपक्ष नेता संजय महाकालकर ने बताया कि ताजबाग में देश-विदेश से बड़ी संख्या में नागरिक और श्रद्धालु आते हैं लेकिन बुनियादी ढांचे का हाल यह है कि उड़ान पुल के पास से शहनशाह चौक की ओर जाने वाला 80 फुट चौड़ा मुख्य मार्ग 'अमृत योजना' के तहत चैंबर बनाने के लिए खोद दिया गया था।

लाखों लोगों की आवाजाही के बावजूद अब तक उस सड़क की मरम्मत नहीं की गई। हालात इतने खराब हैं कि बारिश के दिनों में गैस गोदाम के सामने तालाब जैसा पानी भर जाता है और वहां ड्रेनेज (निकासी) की कोई उचित व्यवस्था नहीं है।

अधिकारियों के 'आश्वासन' पर आपत्ति और ट्रस्ट की आय पर चर्चा

प्रशासन की ओर से जवाब देते हुए मुख्य अभियंता लीना उपाध्ये ने स्वीकार किया कि दरगाह परिसर को जोड़ने वाले पांच मुख्य रास्ते अब तक सीमेंट रोड परियोजना में नहीं लिए गए हैं।

उन्होंने 'आश्वासन' दिया कि वर्ष 2026-27 के लिए प्रभाग 30 के इन पांचों रास्तों के प्रस्ताव भेजे गए हो और टप्पा-5 (चरण 5) में इन्हें शामिल किया जाएगा। हालांकि महापौर ने इस पर सख्त आपत्ति जताते हुए कहा कि अधिकारी सदन में 'आश्वासन' शब्द का उपयोग नहीं कर सकते। इसलिए इस शब्द को सदन के कामकाज से हटा दिया जाए।

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महापौर का निर्देश : टप्पा-5 में शामिल होंगे मुख्य मार्ग

चर्चा के अंत में महापौर नीता ठाकरे ने स्पष्ट किया कि ताजबाग का विकास केवल एक प्रभाग का मुद्दा नहीं है बल्कि यह पूरे शहर के गौरव और महत्व का विषय है।

अंततः महापौर ने निर्देश दिया कि उमरेड रोड और आशीर्वाद नगर से जुड़ने वाले ताजबाग परिसर के सभी मुख्य रास्तों के प्रस्ताव टप्पा-5 में स्वीकृत किए जाएं ताकि नागपुर आने वाले पर्यटकों और नागरिकों को उचित व्यवस्था मिल सके।

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