
अप्रैल में ही 45 के करीब पारा। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
नागपुर: शहर में पिछले एक सप्ताह से तापमान में अप्रत्याशित बढ़ोतरी देखी जा रही है। दिन का अधिकतम तापमान 45 के करीब पहुंच चुका है। पिछले 2 दिनों से लगातार 44.7 डिग्री पर रहते हुए मौसम ने जैसे शहर को जलाने की मंशा दिखा दी हो। आमतौर पर नागपुर शहर में अप्रैल माह में इतना अधिक तापमान नहीं देखा गया। नागपुर में बढ़ता तापमान सिर्फ एक मौसमी समस्या नहीं बल्कि पर्यावरणीय असंतुलन का संकेत है।
पशु-पक्षी और जानवर प्रकृति के सबसे करीब होते हैं। किसी भी प्राकृतिक आपदा का सबसे पहले संदेश इन्हें ही मिलता है। ऐसा ही संदेश शहर के पशु-पक्षी भी दे रहे हैं जिन्हें समझना बहुत जरूरी है। शहर में गर्मी अब इस कदर असर दिखा रही है कि सुबह 7 बजे से पहले ही चिड़ियों की चहचहाहट बंद हो जाती है। पूरा दिन बीतने के बाद देर रात तक पक्षियों का दिखना बंद हो गया है। सड़कों पर आवारा घूमने वाले कुत्ते और गाय आदि भी नजर आने बंद हो गए हैं। इसका मतलब यह नहीं कि महानगर पालिका आवारा पशुओं को पकड़ने का अभियान चला रही है बल्कि गर्मी इतनी ज्यादा है कि आवारा पशु भी सह नहीं पा रहे हैं।
शहर के 2 भागों में अलग-अलग तापमान दर्ज किए जाते हैं। हालांकि बड़े शहरों में यह कोई नई बात नहीं है लेकिन नागपुर के एक हिस्से सिविल लाइन्स में जितनी हरियाली नजर आती है, शहर के बाकी हिस्सों में उतना ही सूखा दिखाई देता है। इसे पर्यावरण का असंतुलन कहा जाएगा। जिस गति से सिविल लाइन्स या दक्षिण-पश्चिम नागपुर के अलावा बाकी हिस्सों में सीमेंट की सड़कों का जाल बिछाया गया, उस गति से पेड़ नहीं लगाए गए।
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| दिन | तापमान |
|---|---|
| 20 अप्रैल | 44.0 डिग्री सेल्सियस |
| 19 अप्रैल | 44.7 डिग्री सेल्सियस |
| 18 अप्रैल | 43.0 डिग्री सेल्सियस |
| 17 अप्रैल | 41.1 डिग्री सेल्सियस |
| 16 अप्रैल | 40.2 डिग्री सेल्सियस |
| 15 अप्रैल | 41.4 डिग्री सेल्सियस |
| 14 अप्रैल | 39.8 डिग्री सेल्सियस |






