Nagpur News: फर्जी शालार्थ आईडी घोटाले की जांच के लिए राज्य स्तरीय एसआईटी गठित

Nagpur Bogus Teacher Scam: शालार्थ आयडी घोटाला मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। पुलिस उपायुक्त नित्यानंद झा को इस विशेष जांच दल का प्रमुख नियुक्त किया गया है।
फर्जी शालार्थ आईडी घोटाले की जांच
फर्जी शालार्थ आईडी घोटाले की जांच (सोजन्यः सोशल मीडिया)
Updated on

State level Special Investigation Team: नागपुर संभाग में फर्जी स्कूल आईडी और फर्जी शिक्षक व गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्तियों का शिक्षा घोटाला पूरे राज्य में फैला होने का पता चलने के बाद, स्कूल आईडी घोटाले की जांच के लिए एक राज्य-स्तरीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। पुलिस उपायुक्त नित्यानंद झा को इस विशेष जांच दल का प्रमुख नियुक्त किया गया है।

विशेष पुलिस महानिरीक्षक कानून-व्यवस्था डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। नागपुर, जलगांव और नासिक में फर्जी स्कूल आईडी के मामले दर्ज किए गए हैं। चूंकि इस घोटाले का दायरा राज्यव्यापी है, इसलिए गहन जांच के लिए एक राज्य-स्तरीय आईआईटी का गठन किया गया है।

पुलिस उपायुक्त नित्यानंद झा को टीम का नेतृत्व करने का आदेश

इस समिति में किसे चुना जाए, इसका पूरा अधिकार अब झा के पास होगा। नागपुर आयुक्त कार्यालय में दर्ज शिकायत के लिए गठित एसआईटी में पुलिस उपायुक्त, सहायक पुलिस आयुक्त, साइबर और सदर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक, सहायक पुलिस निरीक्षक और चार पुलिसकर्मी शामिल हैं। बता दें कि इस मामले में पुलिस हिरासत में चल रहे शांति निकेतन शिक्षण संस्था के संचालक ओमकार अंजीकर के स्कूलों पर विशेष जांच दल (एसआईटी) ने छापेमारी कर अहम दस्तावेज जब्त किए हैं।

एसआईटी ने गिरफ्तार निदेशक के स्कूल पर छापा

बता दें कि इस कार्रवाई में कई शिक्षकों के फर्जी होने का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। बालाभाऊ पेठ निवासी ओंकार भाऊराव अंजीकर (उम्र 46) फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं। एसआईटी ने उनके स्वामित्व वाले स्कूलों, गुलशननगर स्थित जय हिंद विद्यालय, महात्मा फुले उच्च प्राथमिक विद्यालय और यादवनगर स्थित एसकेबी उच्च प्राथमिक विद्या मंदिर का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि 18 में से 5 शिक्षकों की शालार्थ आईडी फर्जी थी।

नीलेश वाघमारे अब भी फरार

एसआईटी को मिली जानकारी के अनुसार, अंजीकर के स्कूलों के कम से कम 35 शिक्षकों की शालार्थ आईडी फर्जी हो सकती है। हो सकता है कि इस घोटाले के तार और भी गहरे फैले हों, और आने वाले दिनों में और भी जगहों पर छापेमारी हो सकती है। पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि अंजीकर ने ये फर्जी आईडी नीलेश वाघमारे की मदद से तैयार की थीं, जो अभी भी फरार है।

Navbharat Live
navbharatlive.com