Nagpur News: पानी की बोतलें खरीदते वक्त हो जाये सावधान, यूज बोतलों में बेच रहे पानी, ST बस स्टैंड के आसपास चल रहा खेल
- Written By: नवभारत डेस्क
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- 24 रुपए दर्जन में खरीदते हैं
- 15-20 रुपए प्रति बोतल बेचते हैं
नागपुर. कार्यालय प्रतिनिधि. सिटी के बीयर बार, होटलों में उपयोग की जाने वाली पानी की बोतलों को फिर से भरकर लोगों को बेचा जा रहा है. पानी की क्वालिटी क्या है, इससे कुछ दूकानदारों को कोई फर्क नहीं पड़ता है. उन्हें सिर्फ कमाई से मतलब है. कुछ यात्री जब आपत्ति करते हैं तो दूकानदार उन्हें सामान देने से मनाकर चलता कर देता है. यहां गौर करने वाली बात यह है कि इस संबंध में लोग शिकायत कहां करें, इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है.
जागरूक लोगों के अनुसार सिटी में प्रतिदिन बियर बार, होटलों में पीने की पानी की रेडीमेड बोतलें बड़ी संख्या में खाली होती हैं. दूकानदार इनमें से अच्छी कंडीशन की बातलों को को 2 से 3 रुपए प्रति बोतल के हिसाब से खरीदते हैं. कई जगह 20 रुपए दर्जन के हिसाब से भी खाली प्लास्टिक की बोतलें खरीदी जाती हैं. फिर इनमें पानी भरकर ऐसे ग्राहकों को बेचा जाता है जो जल्दबाजी में पानी की बोतल लेने के लिए आते हैं या फिर कई लोग इन बोतलों को बस में बैठे लोगों को बेच देते हैं. अगर बोतल में भरा पानी संक्रमित हुआ तो व्यक्ति को इन्फेक्शन के साथ ही कई तरह के रोगों का खतरा भी हो सकता है. इस मामले में कार्रवाई न होने से ये धंधा काफी समय से फल-फूल रहा है.
मोड़कर फेंकनी चाहिए
जानकारों की मानें तो पानी की बोतल लेते समय उसकी सील अच्छी तरह चेक करें. उपयोग करने के बाद बोतल को बीच में से मोड़कर डस्टबीन में डालनी चाहिए जिससे उसे कोई दोबारा उपयोग नहीं कर पाए. करीब दो वर्ष पूर्व रेलवे ने इस मामले में लोगों को जागरूक करने के लिए प्लास्टिक की बोतल को मोड़कर डस्टबीन में डालने के लिए खूब अभियान चलाया. साथ ही स्टेशनों पर ऐसी मशीनें भी रखीं जिनमें प्लास्टिक की बोतल को डालकर दोबारा रीसाइकिल किया जा सके.
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ट्रेनों में भी यही हाल
कई लोग जो ट्रेनों में पानी की बोतलें बेचते हैं वे उपयोग की गई बोतलों को यात्रियों को बेच जाते हैं. वे इसके लिए ऐसे ग्राहक ढूंढते हैं जिनकी जानकारी इस मामले में कम होती है. अमरावती निवासी शशांक राव का कहना है कि उपयोग की गईं बोतलों को बेचना अपराध की श्रेणी में आना चाहिए क्योंकि बोतलों की एक्सपायरी डेट होती है. इसके बाद उपयोग करने पर हानि पहुंचा सकती है. वाड़ी निवासी आशुतोष सिंह का कहना है कि जब तक प्रशासन कार्रवाई नहीं करेगा तब तक यह धंधा बंद नहीं होगा.
