नागपुर यूनिवर्सिटी के टाइमटेबल पर विवाद, एक ही तारीख पर कई परीक्षाएं, विद्यार्थियों के सामने संकट
Nagpur University Exam Clash: नागपुर विश्वविद्यालय की ग्रीष्म परीक्षाओं और सीए-पीईटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तारीखें टकराने से छात्रों में दुविधा बढ़ गई है। परीक्षा टाइमटेबल पर सवाल उठने लगे हैं।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर विश्वविद्यालय परीक्षा विवाद, (प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Summer Session Timetable Controversy: नागपुर राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय की ग्रीष्म सत्र परीक्षाओं के टाइमटेबल को लेकर बड़ा विवाद सामने आ रहा है। विश्वविद्यालय के कुछ पेपर के दिन विभिन्न प्रतियोगी व प्रवेश परीक्षाएं होने वाली हैं। इस वजह छात्रों के सामने गंभीर दुविधा पैदा हो गई है कि आखिर वे किस परीक्षा में शामिल हों और कौनसी छोड़ दें।
विश्वविद्यालय की ग्रीष्म सत्र परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। मई से मुख्य विषयों की परीक्षाएं होंगी जिनमें अधिकाधिक छात्र बैठते हैं। इस बीच सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंसी) की प्रवेश व मुख्य परीक्षाएं भी आयोजित हो रही हैं।
एम कॉम चौथे सेमेस्टर के पेपर 5, 7, 9 और 12 मई को, जबकि दूसरे सेमेस्टर के पेपर 4, 6, 8 और 11 मई को निर्धारित है। वहीं पीएचडी की ऑनलाइन पीईटी परीक्षा 9 से 12 मई के बीच होनी है। इसी अवधि में सीए फाइनल, इंटरमीडिएट और फाउंडेशन के ग्रुप-1 व ग्रुप-2 के पेपर भी रखे गए हैं जिससे सीधा टकराव हो रहा है।
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इसके अलावा राजनीतिक शाख जैसे विषयों के पेपर भी अन्य प्रत्तियोगी परीक्षाओं से ओवरलैप हो रहे हैं। स्थिति और गंभीर तब हो जाती है जब विश्वविद्यालय से संबद्ध इंजीनियरिंग कॉलेजों की परीक्षाएं भी आईआईटी की प्रवेश परीक्षाओं के साथ ही पड़ रही हैं।
एक छात्रा ने शिकायत में बताया कि उसे आईआईटी के एक कोर्स में प्रवेश का अवसर मिला है लेकिन उसी दिन विश्वविद्यालय की इंजीनियरिंग फाइनल सेमेस्टर परीक्षा भी है। ऐसे में किसी एक परीक्षा को चुनना उसके लिए मजबूरी बन गई है जिससे उसका भविष्य प्रभावित हो सकता है। ऐसी ही समस्या कई अन्य छात्रों के सामने भी है।
कितनी परीक्षाएं ओवरलैप हो रही है इसका आकलन किया जा रहा है। सभी के लिए पूरी परीक्षा पुनर्निधर्धारित करना संभव नहीं है लेकिन जिन छात्रों की परीक्षाएं ओवरलैप हो रही है उन्हें राहत दी जाएगी, ऐसे छात्रों को संबंधित परीक्षाओं का विवरण देकर विश्वविद्यालय में आवेदन करना होगा जिसके आधार पर उनके लिए विशेष परीक्षा आयोजित की जाएगी।
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– उपकुलपति, विधि, डॉ. मनाली क्षीरसागर
परीक्षाओं का ध्यान नहीं रखा गजससे को परीक्षा को समय-सारिणी बनाते समय अन्य महत्वपूर्ण परेशानी हो रही है। नागपुर विश्वविद्यालय ने इस पर तत्काल समाधान निकालना चाहिए। योग्य नियोजन किया जाना चाहिए, ताकि छात्र परीक्षाओं से वंचित न हो सकें।
– सीनेट सदस्य, एड. मनमोहन वाजपेयी
