… और फिर पास आ गए पढ़ाई के दिन: स्टेशनरी की खरीदारी शुरू, 15-20% महंगाई से अभिभावकों की जेब पर बोझ
Nagpur School Reopening: स्कूल खुलने से पहले कॉपी-किताब और स्टेशनरी के दाम 15–20% बढ़ गए हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है और खरीदारी पर असर पड़ा है।
- Written By: अंकिता पटेल
स्कूल खुलना, स्टेशनरी महंगी, (सोर्स: सौजन्य AI)
Nagpur Stationery Price Hike: गर्मी की छुट्टियां खत्म होने को हैं, एक बार फिर पढ़ाई के दिन पास आ गये हैं। फिर से स्कूलों में पसरा सन्नाटा टूटेगा और बच्चों की पढ़ाई के साथ नया सत्र शुरू हो जाएगा। स्कूल खुलने को लेकर घरों में बच्चों और अभिभावकों की तैयारियां शुरू हो गई हैं। हॉलिडे होमवर्क से लेकर प्रोजेक्ट पूरा करने का दौर अंतिम चरण में है।
स्टेशनरी की दुकानों में कॉपी-किताबों के साथ अन्य स्टेशनरी की खरीदी बच्चों और पालकों द्वारा शुरू हो चुकी है। इस वर्ष मिडिल ईस्ट टेंशन से पहले ही पेट्रोल-डीजल से लेकर हर खाद्य सामग्री सहित हर चीज महंगी हो गई है।
ऊपर से अब कॉपी-किताबों के साथ अन्य स्टेशनरी सामग्री 15 से 20 प्रश महंगी होने से पालकों को कुछ ज्यादा ही जेबें ढीली करनी पड़ रही हैं। हर चीज में बढ़ी महंगाई को झेल रहे पालकों को कॉपी-किताब, पेंसिल की खरीदी के कारण अन्य महत्वपूर्ण खरीदी में कटौती करनी पड़ रही है। वहीं कॉपी-किताब खरीदी में स्कूल और कोचिंग क्लासेस वालों की मनमानी कुछ अलग चल रही है।
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अन्य खचर्चों में हो रही कटौती
पालकों द्वारा कॉपी-किताबों के साथ अन्य वस्तुओं की खरीदी तो शुरू हो चुकी लेकिन इसके लिए कुछ ज्यादा ही जेबें ढीली करनी पड़ रही हैं। इस वर्ष कॉपी-किताबें, पेंसिल से लेकर हर स्टेशनरी सामग्री के कुछ ज्यादा ही भाव बढ़े हुए हैं। पालकों को 60 रुपये वाले रजिस्टर के 70 चुकाने पड़ रहे हैं।
बाकी सामग्रियों में पेन, कम्पास बॉक्स, ड्राइंग पेंसिल और अन्य वस्तुओं की तो बात ही निराली है। स्टेशनरी के इतने अधिक भाव चुकाने के चलते अभिभावकों है। ने महीने में लगने वाले अन्य खचों में कटौती कर दी है। कॉपी-किताबें खरीदी करने आए अभिभावकों के अनुसार दिन-प्रति दिन स्कूल एजुकेशन इतना अधिक महंगा होते जा रहा है कि बच्चों का पढ़ना मुश्किल हो गया है। जहां स्कूलों की फीस काफी ज्यादा बढ़ी हैं वहीं कोचिंग क्लासेस की फीस भी बस से बाहर होती जा रही
20 जून के बाद बढ़ेगी अधिक भीड़
स्टेशनरी विक्रेताओं के अनुसार स्टेशनरी में लोकल से लेकर ब्रांडेड सामग्री के भाव बढ़े हुए हैं। आज स्टेशनरी के क्षेत्र में कॉम्पिटिशन होने के चलते अलग-अलग कंपनियों की सामग्रियों की दरें भी अलग-अलग हैं। अभी हलचल बढ़ चुकी है लेकिन 20 जून के बाद स्टूडेंट्स व पालकों की भीड़ बढ़नी शुरू हो जायेगी। 20 के बाद वाली भीड़ को देखते हुए कुछ पालक अभी से दुकानों में पहुंच रहे हैं।
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बच्चों को चाहिए ब्रांडेड
आज जहां हर तरफ ब्रांडेड का जमाना है वहीं बच्चों को भी नोटबुक, कम्पास बॉक्स और इरेजर के साथ पेंसिल भी ब्रांडेड ही चाहिए, मार्केट में बच्चों को लुभाने वाले बहुत से विविध गेम्स और अलग-अलग खंड वाले कम्पास बॉक्स पेश किये गये हैं जो काफी पसंद किये जा रहे हैं।
