नागपुर के पारशिवनी में कार्रवाई: कृषि भूमि पर बने 13 तालाबों में प्रतिबंधित मांगूर मछली पालन का भंडाफोड़

Nagpur Illegal Fish Farming: पारशिवनी के घुकसी गांव में कृषि भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए 13 तालाबों में से 11 में प्रतिबंधित मांगूर मछली पालन पाया गया। संयुक्त कार्रवाई में बड़ा खुलासा हुआ।
Crackdown in Nagpur's Parseoni: Illegal farming of banned Mangur fish in 13 ponds on agricultural land busted.
मांगूर मछली, अवैध मछली पालन, पारशिवनी, प्रशासनिक कार्रवाई, (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur Mangur Fish Illegal Fish Farming: पारशिवनी मत्स्य विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित मांगूर मछलियों के अवैध पालन का भंडाफोड़ किया है। उमरी ग्राम पंचायत अंतर्गत घुकसी गांव के पास मंगलवार को की गई इस कार्रवाई से क्षेत्र के अवैध मछली पालकों में हड़कंप मच गया है।

कृषि भूमि पर बनाए गए थे तालाब

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घुकसी गांव के समीप लगभग 2.31 हेक्टेयर कृषि भूमि पर नियमों का उल्लंघन करते हुए मछली पालन के लिए 13 तालाब बनाए गए थे। इनमें से 11 तालाबों में सरकार द्वारा प्रतिबंधित मांगूर मछलियों का पालन किया जा रहा था। अवैध मछली पालन की सूचना तहसीलदार सुरेश वाघचौरे को मिलने पर उन्होंने तत्काल मत्स्य व्यवसाय विभाग को इसकी जानकारी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। मत्स्य व्यवसाय विभाग के सहायक आयुक्त शुभम कोमरेवार, तहसीलदार सुरेश वाघचौरे तथा पुलिस निरीक्षक किशोर शेरकी के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने घुकसी स्थित सर्वे क्रर्माक 48 की जमीन पर छापा मारा। जांच के दौरान 13 में से 11 तालाबों में प्रतिबंधित मांगूर मछलियां पाई गई।

देर रात तक जारी रह अभियान

सहायक आयुक्त शुभम कोमरेवार के निर्देश पर शाम 4 बजे से प्रतिबंधित मछलियों को जब्त करने का अभियान शुरू किया गया। प्रशासन ने ट्रैक्टरों की सहायता से तालाबों से मछलियां निकालने की कार्रवाई की। समाचार लिखे जाने तक प्रशासन करीब 5 से 6 ट्रैक्टर भर प्रतिबंधित मांगूर मछलियां जब्त कर चुका था।

तालाबों का आकार बड़ा होने के कारण जब्ती की कार्रवाई देर रात तक जारी रही। इस बड़ी कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध मछली पालन कारोबार को करारा झटका लगा है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए खतरा बनने वाली गतिविधियों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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