न छत नसीब हुई, न सड़क! सावंगी में नाला पार कर खुले में करना पड़ा मां-बेटे का अंतिम संस्कार, सड़क हादसे में मौत
Savner Road Accident: सावंगी (सावनेर) में भीषण सड़क हादसे के बाद मां-बेटे की मौत। गांव में श्मशान घाट और सड़क न होने से खुले में हुआ अंतिम संस्कार। प्रशासन के खिलाफ रोष।
- Written By: प्रिया जैस
सड़क हादसे में मां-बेटे की मौत (सौजन्य-नवभारत)
Savangi Village News: सावनेर पुलिस स्टेशन क्षेत्र अंतर्गत सावंगी रोड पर शनिवार को एक भीषण सड़क दुर्घटना में बाइक सवार युवक की मौत हो गई थी, जबकि बाइक पर पीछे बैठी उसकी मां गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उसकी घायल मां को नागपुर के मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां रविवार तड़के उनकी भी मौत हो गई। मां-बेटे की मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल पसरा हुआ है।
सावंगी रोड पर शनिवार को एक आयशर वाहन ने सामने से आ रही मोटरसाइकिल क्रमांक एमएच 40/ बीटी 8977 को जोरदार टक्कर मार दी थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक चालक सावंगी निवासी धीरज शालिकराम चाफेकर (38) की मौके पर ही मौत हो गई थी।
बाइक पर पीछे बैठी उसकी मां देवकाबाई चाफेकर (52) गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। देवकाबाई को हितज्योति आधार फाउंडेशन की एम्बुलेंस से ले जाकर नागपुर के मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उपचार के दौरान उनकी भी रविवार तड़के मौत हो गई।
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अंतिम संस्कार के लिए बना चबूतरा बदहाल
रविवार को मां-बेटे का सावंगी गांव में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया लेकिन इसमें ग्रामीणों और परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। गांव में अंतिम संस्कार करने एक चबूतरा बना है, जो वर्तमान में काफी बदहाल स्थिति में है। यह चबूतरा शवों को जलाने लायक ही नहीं है।
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बार-बार ग्रामीणों द्वारा शिकायत करने के बावजूद इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसी स्थिति में ग्रामीणों और परिजनों को मां-बेटे का अंतिम संस्कार खुले में ही करना पड़ा। श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए सड़क भी नहीं है। लोगों को नाला पार करके वहां जाना पड़ता है। इस ओर ग्रामीणों ने प्रशासन से गंभीरता से ध्यान देने की मांग की है।
