नागपुर के सतरंजीपुरा जोन में भारी हंगामा: स्लम धारकों को नोटिस मिलने पर भड़के लोग, सहायक आयुक्त का घेराव

Nagpur Protest News: नोटिफाइड स्लम धारकों को नोटिस जारी करने और कथित अवैध वसूली के आरोपों को लेकर सतरंजीपुरा जोनल कार्यालय में पीड़ितों ने सहायक आयुक्त का घेराव किया।
Major uproar in Nagpur's Satranjipura zone: Residents enraged after receiving notices; Assistant Commissioner gheraoed.
सतरंजीपुरा जोन, स्लम नोटिस विवाद,(सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
Published on
Updated on

Nagpur Protest Satranjipura Zonel: नागपुर में शुक्रवार की दोपहर सतरंजीपुरा जोनल कार्यालय में उस समय हंगामा मच गया, जब नोटिफाइड स्लम एरिया (अधिसूचित स्लम बस्तियों) में भी जारी हो रहे नोटिस के खिलाफ पीड़ितों ने सहायक आयुक्त हरीश राऊत का घेराव कर लिया। बताया जाता है कि सतरंजीपुरा जोन में गत कुछ दिनों से नोटिफाइड स्लम धारकों को लगातार नोटिस भेजे जा रहे हैं, जबकि नियमों के अनुसार यह संभव ही नहीं है।

आश्चर्यजनक यह कि नोटिस जारी होने के बाद इन धारकों से अवैध वसूली भी होने के कई उदाहरण उजागर हुए जिससे लोगों में रोष शुरू हो गया। पीड़ितों ने प्रभाग की पार्षद आभा पांडे के साथ जोनल कार्यालय पहुंचकर सहायक आयुक्त का घेराव कर लिया।

चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि सतरंजीपुरा जोन में इस तरह का एक रैकेट काम कर रहा है जिसकी सघन जांच करने की मांग भी उन्होंने की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस गोरखधंधे को तुरंत बंद नहीं किया गया, तो सड़क पर उतरकर तीव्र विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

गरीबों को बनाया जा रहा है निशाना

बताया जाता है कि सतरंजीपुरा जोन के अंतर्गत आने वाले नोटिफाइड स्लम एरिया में रहने वाले गरीब नागरिकों और छोटे स्तर पर लघु उद्योग चलाने वालों को मनपा अधिकारियों और वसूली तत्वों की मिलीभगत से निशाना बनाया जा रहा है। इन क्षेत्रों में मात्र 150 से 200 वर्ग फुट के छोटे घरों में रहने वाले लोगों को मनपा द्वारा अवैध रूप से नोटिस भेजने की धमकी दी जा रही है। कुछ मामलों में नोटिस देकर भारी मात्रा में अवैध वसूली की जा रही है।

ब्लैकमेलिंग का चल रहा गोरखधंधा

सहायक आयुक्त को बताया गया कि जिन गृह उद्योगों या घरों को ये नोटिस दिए जा रहे हैं, वे वास्तव में इस कार्रवाई के दायरे में आते ही नहीं हैं। अवैध तरीके से पैसा ऐंठने के उद्देश्य से नागपुर मनपा के भ्रष्ट अधिकारी, कर्मचारी और ब्लैकमेलर आम जनता को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। यह एक पूरा सिंडिकेट या रैकेट बन चुका है, जो भोले-भाले नागरिकों को डरा-धमकाकर अपना काला धंधा बेखौफ चला रहा है।

जनवरी 2021 में मनपा सभागृह में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। उस समय महापौर द्वारा इस संबंध में स्पष्ट निर्देश भी दिए गए थे। इसके अलावा, इस संदर्भ में शासन के परिपत्र भी मौजूद हैं। इसके बावजूद सतरंजीपुरा जोन के अधिकारी और कर्मचारी इन सभी आदेशों और निर्देशों का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com