

Nagpur Municipal Building: नागपुर मनपा में 4 वर्षों के प्रशासक राज के बाद में भले ही सत्ता के गलियारों में हलचल हो रही हो लेकिन नगर भवन का निर्माण पूरा नहीं होने के कारण मजबूरीवश मनपा की सभाएं भट सभागृह में हो रही हैं। हालांकि महापौर ने पदभार संभालते ही नगर भवन का पहला दौरा कर कड़े निर्देश दिए थे किंतु केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा कुछ सुधार के सुझाव दिए जाने के बाद अब इसे सेंट्रल विस्टा की तर्ज पर अमलीजामा पहनाया जा रहा है।
यहां तक कि भीतरी की साज-सज्जा, साउंड सिस्टम और बैठने की व्यवस्था को भी उसी तर्ज पर अंजाम दिया जा रहा है। बहरहाल मनपा की टीम द्वारा सेंट्रल विस्टा का दौरा करने के बाद अब नगर भवन के बचे कार्यों को अंतिम मंजूरी दी जा चुकी है। यहां तक कि नगर भवन को पूरी तरह से तैयार होने के लिए सिंतबर तक की डेडलाइन भी तैयार की जा चुकी है।
अधिकारियों के अनुसार हाल ही में इंटेरियर डिजाइन और अन्य व्यवस्था को लेकर पदाधिकारी और तमाम अधिकारियों के अलावा ठेकेदार एजेंसियों की बैठक ली गई जिसमें सभी को उनके बचे कार्य को हरी झंडी भी दी गई है। बताया जाता है संशोधित डिजाइन और सागौन के विशेष काम के कारण निर्माण लागत में लगभग 10 से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
हालांकि मनपा के बजट में इसके लिए पर्याप्त प्रावधान किया गया है और राज्य सरकार से भी विशेष निधि प्राप्त होगी जिससे धन की कमी के कारण काम नहीं रुकेगा। पीएमसी को 8 दिनों के भीतर बढ़े हुए खर्च का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है।
काम की वर्तमान स्थिति सभागार का स्ट्रक्चरल काम लगभग 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है, जबकि विद्युतीकरण और एसी का काम 10 प्रतिशत तक संपन्न है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के सुझावों पर अमल करते हुए यहां विश्व स्तरीय डिजिटल एकॉस्टिक्स साउंड सिस्टम लगाने का काम 100 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है।
वर्तमान में मुख्य सभागार, प्रवेश द्वार और मंच पर सागौन की नक्काशी का काम तेजी से चल रहा है। ठेकेदार को 2 शिफ्ट में काम करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अगले 30 दिनों में लिफ्ट लगाने का लक्ष्य पूरा किया जा सके।
शहर के विकास से जुड़े कई अहम फैसले पुराने टाउन हॉल में होने वाली सभाओं में लिए जाते रहे हैं लेकिन वहां केवल 150 नगरसेवकों के बैठने की ही व्यवस्था थी और अब वह पुराना भवन इतिहास बन चुका है। इसकी तुलना में नए टाउन हॉल की इमारत के दूसरे माले पर 1621.28 वर्गमीटर क्षेत्र में एक बेहद ही प्रशस्त मुख्य सभागृह बनाया जा रहा है।
इस नए सभागृह में 228 नगरसेवकों के बैठने की बेहतरीन व्यवस्था होगी। इसके साथ ही इस सभागृह में 30 वरिष्ठ अधिकारियों के बैठने का भी इंतजाम रहेगा। इमारत के 16104 वर्गमीटर क्षेत्र वाले तीसरे माले पर शहर के प्रमुख पदाधिकारियों के कार्यालय होंगे। इनमें मेयर, डिप्टी मेयर, मनपा आयुक्त, सत्तापक्ष के नेता, नेता प्रतिपक्ष और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालय शामिल होंगे। इसके अलावा सदन की कार्यवाही देखने के लिए 210 लोगों की क्षमता वाली एक दर्शक गैलरी का भी निर्माण किया जा रहा है।