समृद्धि महामार्ग (फाइल फोटो)
Nagpur-Mumbai Samruddhi Mahamarg: नागपुर-मुंबई समृद्धि महामार्ग को अब गोंदिया तक बढ़ाने को मंजूरी दे दी गई है। इस निर्णय से इन क्षेत्र में आने वाले लगभग 114 गांवों की ‘समृद्धि’ बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। जिन गांवों में महामार्ग गुजरेगा उन क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां भी तेज होंगी। इसका सीधा असर गांवों के विकास के रूप में देखने को मिलेगा।
इस विस्तार परियोजना और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को महाराष्ट्र सरकार ने मंजूरी दे दी है जिससे अब इस काम में तेजी आने की उम्मीद है। यह नया मार्ग नागपुर, भंडारा और गोंदिया जिलों के कुल 114 गांवों से होकर गुजरेगा। नागपुर जिले के कुही तालुका में सबसे ज्यादा 26 गांव इस परियोजना के दायरे में आएंगे।
नागपुर-मुंबई समृद्धि महामार्ग ने पहले ही यात्रा के समय को काफी कम कर दिया है। जिससे माल ढुलाई और परिवहन दोनों में आसानी हुई है। अब इस मार्ग का विस्तार गोंदिया जिले तक किया जा रहा है। इस परियोजना के लिए कुल 1621.66 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। जिसमें से 1439.18 हेक्टेयर निजी भूमि, 127.22 हेक्टेयर सरकारी भूमि और 55.26 हेक्टेयर वन भूमि है। इस पूरे क्षेत्र में कुल 4,253 सर्वे नंबर शामिल हैं।
इस मार्ग पर 2 स्थानों पर बाईपास भी बनाए जाएंगे। गोंदिया जिले के तिरोड़ा बाईपास के लिए 3 गांवों की जमीन का अधिग्रहण होगा, जबकि गोंदिया में दूसरे बाईपास के लिए 8 गांवों की जमीन ली जाएगी।
– नागपुर ग्रामीण : 10 गांव
– उमरेड : 2 गांव
– कुही : 26 गांव
– मौदा : 1 गांव
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गोंदिया तक मार्ग बन जाने के बाद मुंबई (पोर्ट) से गोंदिया सीधे तौर पर जुड़ जाएगा। राज्य के दो छोरों को जोड़ने का समय महज 9-10 घंटे रह जाएगा। इससे राज्य में एक कोने से दूसरे कोने तक माल परिवहन का मार्ग अत्यंत सुगम हो जाएगा और इसका सीधा लाभ इकोनॉमी को बढ़ाने में मिलेगा। विदर्भ को इस प्रोजेक्ट से काफी लाभ होने की उम्मीद है।