प्रोफेशनल टैक्स (सौ. सोशल मीडिया )
NVCC GST Memorandum Submission: नाग विदर्भ चैंबर ऑफ कॉमर्स (एनवीसीसी) ने राज्य जीएसटी आयुक्त आशीष शर्मा का स्वागत करते हुए महाराष्ट्र में जीएसटी और प्रोफेशन टैक्स प्रशासन से जुड़ी समस्याओं पर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन का उद्देश्य कर अनुपालन को सरल बनाना, अनावश्यक विवादों को कम करना और राज्य में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को सुदृढ़ करना बताया गया। उपाध्यक्ष स्वप्निल आहिरकर ने एक ही करदाता को स्क्रूटिनी, ऑडिट, लिमिटेड इश्यू ऑडिट और आरएटी जैसी समानांतर नोटिस जारी किए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इससे दस्तावेजों की पुनरावृत्ति होती है और अनुपालन का अनावश्यक बोझ बढ़ता है।
अश्विनी अग्रवाल ने प्रोफेशनल टैक्स के अंतर्गत बिना विस्तृत कारण बताए सामूहिक कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप स्पष्ट और कारणयुक्त नोटिस जारी करने की आवश्यकता पर बल दिया।
हेमंत सारडा ने जीएसटी संशोधन आवेदनों की स्वीकृति में हो रही देरी को व्यापार के लिए बाधक बताया। उनका कहना था कि इससे बैंकिंग प्रक्रियाएं, विक्रेता अनुपालन और टेंडर में भागीदारी प्रभावित होती है। संयोजक रितेश मेहता ने जीएसटी आदेशों के विरुद्ध दायर रेक्टिफिकेशन आवेदनों के निपटान में देरी का मुद्दा उठाया और स्पष्ट त्रुटियों के मामलों में अनावश्यक अपील की मजबूरी पर सवाल खड़े किए।
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सचिन पुनियानी ने महावैट पोर्टल पर बार-बार आने वाली तकनीकी समस्याओं जैसे लॉगिन असफलता, भुगतान प्रतिबिंब में देरी और पुराने अभिलेखों तक पहुंच में कठिनाई का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के कारण प्रोफेशनल टैक्स अनुपालन प्रभावित हो रहा है। चैंबर ने प्रशासन से व्यापार हित में त्वरित और व्यावहारिक समाधान की अपेक्षा जताई।