

Nagpur Drinking Water Shortage: नागपुर जिले के हिंगना तहसील अंतर्गत वानाडोंगरी नगर परिषद क्षेत्र में बढ़ते जलसंकट को लेकर नागरिकों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। भीषण गर्मी के बीच कई वार्डों में पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है और स्थिति यह है कि अनेक क्षेत्रों में अब तक पानी के टैंकर भी नियमित रूप से नहीं पहुंच रहे हैं। इससे हजारों नागरिकों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इस मुद्दे को लेकर विरोधी पक्ष नेता एवं नगरसेवक अनुप डाखले ने प्रशासनिक अधिकारी प्राची लांजेवार को ज्ञापन सौंपकर तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि वानाडोंगरी शहर के कई हिस्सों में जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिसके कारण नागरिकों में भारी असंतोष व्याप्त है।
अनुप डाखले ने आरोप लगाया कि कुछ वार्डों में टैंकरों के माध्यम से भी नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है। कई क्षेत्रों में नागरिकों को पानी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि कुछ स्थानों पर टैंकरों की अनियमित फेरियों के कारण लोगों को निजी स्तर पर पानी खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है।
ज्ञापन के माध्यम से नगर परिषद प्रशासन के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गई हैं। इनमें सभी वार्डों में नियमित और समान जलापूर्ति सुनिश्चित करना, टैंकरों की फेरियों का समय और मार्ग सार्वजनिक करना, टैंकरों में पारदर्शिता लाने के लिए जीपीएस प्रणाली लागू करना तथा नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए विशेष शिकायत निवारण कक्ष शुरू करना शामिल है।
इस अवसर पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों ने भी जलसंकट के मुद्दे पर प्रशासन को घेरा। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित योजना बनाकर जलापूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
नगरसेवक अनुप डाखले, नगरसेविका प्रीति सातपुते तथा नगरसेविका भाग्यश्री साखोरे ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति में कानून-व्यवस्था या जनाक्रोश से उत्पन्न होने वाली किसी भी परिस्थिति की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान सौरव आगरकर, लोकमान छपेरे, प्रशांत सोमकुवर, नारायण सातपुते, धरमु चावण, आमेश बोदिले, शशांक टिपले, संदेश मेश्राम, रौनक खराबे, सोमेश ससाणे तथा तुषार वानखेडे सहित अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
वानाडोंगरी में लगातार गहराते जलसंकट के कारण अब नागरिकों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। लोगों का कहना है कि गर्मी के इस मौसम में नियमित पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।