

Nagpur Wholesale Fish Market: नागपुर सदर मंगलवारी बाजार में सरकार की ओर से वर्ष 2013-2014 में थोक मछली मार्केट तैयार तो कर दिया गया लेकिन अब तक उसे थोक व्यापारियों को अलॉटमेंट नहीं किया गया। सरकार की इस कार्यप्रणाली के चलते व्यापारी परेशान हो चुके हैं। इसके चलते उन्हें आज भी सड़कों पर ही अपनी दुकानें लगानी पड़ रही हैं। इसके लिए व्यापारियों ने कई बार शासन-प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपे। इसके बावजूद भी उन्हें अब तक नहीं सौंपा गया।
किसी तरह की सुनवाई नहीं होने से परेशान व्यापारियों ने वर्ष 2026 जनवरी में उच्च न्यायालय में एक पिटीशन दाखल की है और उच्च न्यायालय की ओर से वर्ष 2019 में दिया गया आदेश का पालन करने और मार्केट व्यापारियों को देने व माहवारी किराया एग्रीमेंट करें। सदर मंगलवारी बाजार में नवनिर्मित थोक मछली की दोनों कनेक्टेड बिल्डिंग के बगल में रिक्त प्लॉट में पिछले करीब 70-80 वर्षों से करीब 45-50 चिल्लर मछली व्यापारी सप्ताह में एक दिन मंगलवार को दोपहर में 2 से रात के 9 बजे तक व्यवसाय करते हैं। शासन को इस रिक्त प्लॉट पर चिल्लर व्यापारियों के लिये करीब 50 ओटे का निर्माण कर ऊपर में छत बनाई जानी चाहिए।
इस चिल्लर बाजार की कंपाउंड दिवाल के बाहर पूर्व दिशा में करीब डेढ़ एकड़ जमीन में अधिकारीयों की साठगांठ से करीब 10-12 मकान बनाकर अतिक्रमण किया गया है। यह डेढ़ एकड़ जमीन पार्किंग के लिये आरक्षित थी। संबंधित अधिकारियों को बाजार में आकर निरीक्षण करना चाहिए। थोक मछली
विक्रेता नवीन मंगलवारी थोक मार्केट में सप्ताह में 6 दिन सुबह 7 से दोपहर 1 बजे तक व्यवसाय करेंगे और मंगलवार के दिन थोक मछली व्यवसाय बंद रखा जायेगा। उपाध्यक्ष अमरलाल गौर, सुनील गौर,
नितिन गौर, अनिल मेश्राम, शशांक गौर, राजेश सुखलाल गौर, गोकुल गौर, राजीव गौर, पवन बर्वे, रवि गौर, किशोर कुमार गौर सहित अन्य व्यापारियों ने प्रशासन से इस तत्काल अमल करने की मांग की है।
थोक मछली विक्रेता संघ, भोईपुरा, बजरिया के थोक मछली विक्रेताओं के शिष्टमंडल ने अध्यक्ष इन्द्रजीत गौर के नेतृत्व में महापौर नीता ठाकरे व मनपा आयुक्त विपिन इटनकर के साथ ही स्थायी समिती अध्यक्ष दाणी वखरे से मुलाकात कर उन्हें मछली मार्केट जल्द से जल्द अलॉटमेंट करने का ज्ञापन सौंपकर उन्हें जानकारी दी गई कि
नेशनल फिशरीज डेवलपमेंट बोर्ड (केन्द्रीय सरकार) हैदराबाद की ओर से सेक्शन फंड 3 करोड़ 45 लाख व 1 करोड़ 82 लाख रुपये यह 2 सेक्शन फंड वर्ष 2012 में मनपा को प्राप्त हुए थे। इस फंड से वर्ष 2013 2014 में सदर मंगलवारी बाजार में थोक मछली मार्केट के लिये 2 कनेक्टेड बिल्डिंग का निर्माण किया
गया था। वर्ष 2015 से मनपा से थोक मछली विक्रेता संघ मार्केट की मांग कर रहा है कि उसे नवनिर्मित मंगलवारी थोक मछली मार्केट की दोनों कनेक्टेड बिल्डिंग को भोईपुरा, बजरिया मार्केट के थोक मछली व्यापारियों को अलॉटमेंट करें और किराया एग्रीमेट करें किन्तु मनपा के अधिकारी टालमटोल करते आ रहे हैं।
इसे लेकर भोईपुरा मार्केट के एक व्यापारी ने वर्ष 2017 में उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दाखल की और मांग की कि भोईपुरा थोक मछली मार्केट को सदर मंगलवारी थोक मछली मार्केट में स्थानांतरित किया जाए,
उच्च न्यायालय ने अगस्त 2016 में महानगरपालिका को आदेश दिया था कि सदर मंगलवारी मार्केट की दोनों बिल्डिंग को भोईपुरा, बजरिया के थोक व्यापारियों को अलॉटमेंट करने का निर्णय ले।
उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए तत्कालीन मनपा आयुक्त तुकाराम मुंडे ने वर्ष 2021 में अधिकारियों को आदेश दिये थे कि
मगलवारी मार्केट में निर्मित थोक मछली मार्केट की दोनों बिल्डिग को भोईपुरा के थोक व्यापारियों को देने की कार्यवाही करें किन्तु सुपरिटेंडेंट (बाजार विभाग। वानखेड़े ने आदेश की फाइल को अपने कार्यालय में ही रोक कर रखा और मंगलवारी जोन ऑफिस में भेजा ही नहीं।
इसी तरह तत्कालीन निगम आयुक्त राधाकृष्णन ने भी उच्च न्यायालय का आदेश का सम्मान करते हुए वर्ष 2022 में अधिकारियों को आदेश दिया था लेकिन बावजूद इसके फाइल को पेंडिंग रखकर आगे की कार्यवाही नहीं की गई। तब से भोईपुरा मार्केट के थोक व्यापारी मनपा कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।