उच्च न्यायालय मलिक, देशमुख की याचिकाओं पर 17 जून को आदेश जारी करेगा

ED questioned Nawab Malik, summoned in money laundering case related to underworld
नवाब मलिक (File Photo-Twitter/@ANI)
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मुंबई: बंबई उच्च न्यायालय 20 जून को होने वाले महाराष्ट्र विधानपरिषद चुनाव में मतदान करने की अनुमति मांगने संबंधी राज्य के मंत्री नवाब मलिक और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की दो याचिकाओं पर शुक्रवार को अपना फैसला सुनाएगा। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता मलिक और देशमुख वर्तमान में न्यायिक हिरासत में जेल में हैं। न्यायमूर्ति एन जे जामदार ने बृहस्पतिवार को सभी पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनीं और कहा कि फैसला शुक्रवार को सुनाया जाएगा।

सुनवाई के दौरान, मलिक की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अमित देसाई ने कहा कि मंत्री का मामला मतदान के लिए न्यायिक हिरासत में रहते हुए सुरक्षा घेरे में जाने देने का एक सामान्य अनुरोध है। देसाई ने कहा कि हालांकि, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 62(5) जेल में कैद लोगों के मतदान करने पर प्रतिबंध लगाती है, लेकिन इस तरह का प्रतिबंध भौतिक समस्याओं की वजह होता है जैसे कि सुरक्षा इंतजाम करना और जेल में कैद व्यक्तियों को मतदान के लिए ले जाने को लेकर जरूरी व्यवस्था करना।

देसाई ने कहा, ‘‘वह(मलिक) अभी अस्पताल में हैं और जेल में कैद नहीं हैं। उन्हें दोषी साबित किया जाना अभी बाकी है , इसलिए वह अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए अयोग्य नहीं हैं।'' उन्होंने यह भी दलील दी कि मौजूदा मामले में जरूरी अनुमति देने का अदालत के पास विवेकाधिकार है।

देशमुख की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता विक्रम चौधरी ने भी कहा कि इस मामले में अदालत को अपने विवेकाधिकार का इस्तेमाल करने की शक्तियां प्राप्त है। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल अनिल सिंह ने दलील दी कि अदालत द्वारा इस मामले में विवेकाधिकार का इस्तेमाल करना कानून द्वारा लागू रोक के प्रतिकूल होगा।

राज्य विधानपरिषद की 10 रिक्त सीट पर द्विवार्षिक चुनाव अगले सोमवार को होना है। मतदान के लिए निर्वाचक मंडल में राज्य विधानसभा के सदस्य शामिल हैं। कुल 11 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, जिनमें भाजपा के पांच, जबकि शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस ने दो-दो उम्मीदवार (महाविकास आघाड़ी से कुल छह उम्मीदवार)उतारे हैं।

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