नितिन गडकरी के गढ़ में क्यों अटकी 85 करोड़ की फाइल? नागपुर के सदर फ्लाईओवर का डिजाइन 2 साल बाद भी फाइनल नहीं
Nagpur Sadar Flyover Project: नागपुर के सदर फ्लाईओवर की दोषपूर्ण डिजाइन सुधारने का प्रोजेक्ट 2 साल बाद भी कागजों में बंद है। 85 करोड़ का नया प्लान और जमीन की फाइलें अब भी मंजूरी के इंतजार में हैं।
- Written By: आकाश मसने
नितिन गडकरी (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Sadar Flyover Project Design Issue: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के गृह नगर नागपुर से एक हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। नागपुर के बहुचर्चित सदर फ्लाईओवर की दोषपूर्ण डिजाइन को ठीक करने के लिए लगभग 2 वर्ष पहले खुद नितिन गडकरी ने पहल की थी। उन्होंने महा मेट्रो को डिजाइन तैयार करने, जमीन की पहचान करने और पूरी परियोजना बनाने को कहा था। तब लोगों ने बड़ी राहत की सांस ली थी। हजारों लोगों को इससे लाभ मिलने वाला था लेकिन 2 वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रोजेक्ट कागजों में अटका पड़ा है।
34 करोड़ लागत वाली डिजाइन रिजेक्ट
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की घोषणा के अनुसार पहले 34 करोड़ लागत वाली डिजाइन तैयार की गई जिसे रिजेक्ट कर दिया गया। इसके बाद दूसरी डिजाइन बनाई गई वह भी रिजेक्ट हो गई। अब लगभग 80-85 करोड़ वाली डिजाइन तैयार की गई है। यह भी अनुमान लगा लिया गया है कि इस प्रोजेक्ट के लिए लगभग 3,117 वर्गमीटर जमीन लगेगी लेकिन डिजाइन को अंतिम रूप ही नहीं दिया जा रहा है। गडकरी के गढ़ में फाइल कहां गुम हो गई है, यह किसी को पता नहीं है।
क्या है नया प्लान और इसके फायदे?
महा मेट्रो द्वारा नियुक्त सलाहकार द्वारा दिए गए नए सुझाव के बाद यह तय हो गया है कि फ्लाईओवर को सदर फ्लाईओवर से चढ़ाया जाएगा और RBI चौक के पेट्रोल पंप के बाद उतारा जाएगा। इसकी कुल लंबाई लगभग 850 मीटर होगी। इससे सदर की ओर से आने वाले यात्रियों को 2 सिग्नल में नहीं उतरना होगा और उनका समय काफी बचेगा। इतना ही नहीं, कस्तूरचंद पार्क और आरबीआई चौक में लग रहे जाम को भी कम करने में मदद मिलेगी।
सम्बंधित ख़बरें
महाराष्ट्र नेटबॉल एसोसिएशन की संबद्धता रद्द: नियमों के उल्लंघन का आरोप, चंद्रपुर में विशेष बैठक
मुंबई: एयरलाइन में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले देहरादून के फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़; 4 आरोपी गिरफ्तार
चामोर्शी में स्मार्ट मीटर के विरोध में कांग्रेस का मोर्चा, बढ़े बिजली बिल पर जताया रोष
चंद्रपुर कहलाएगा ‘टाइगर जीला’, वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए अंडरपास, ओवरपास और मुआवज़ा नीति पर मुहर
2,863 वर्गमीटर सरकारी जमीन
प्रोजेक्ट के लिए जो अनुमान लगाया गया है उसके अनुसार 2,863 वर्गमीटर सरकारी जमीन ली जाएगी। इसके साथ ही पेट्रोल पंप से 264 मीटर जमीन की जरूरत होगी। कुल जमीन 3,117 वर्गमीटर की जरूरत होगी। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अभी भी चालू नहीं है। केवल प्रोजेक्ट रिपोर्ट में यह दर्शाया गया है।
पहले जो डिजाइन तैयार की गई थी, उसके अनुसार खर्च 35 करोड़ आने वाला था लेकिन नई डिजाइन में लेंथ काफी बढ़ गई है जिसके कारण खर्च का अनुमान बढ़कर 80-85 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इस रकम के लिए भी मंजूरी लेनी होगी। यह सब कुछ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पर निर्भर है। उन्हें अब इस पर गंभीरता से विचार कर प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी है।
यह भी पढ़ें:- Nagpur Metro: कॉटन मार्केट स्टेशन का दूसरा एंट्री-एक्जिट और 120 मीटर लंबा स्काईवॉक शुरू, यात्रियों को राहत
करोड़ों खर्च, फिर भी बिना काम के साबित हुए ये प्रोजेक्ट्स
- 573 करोड़ रुपए की लागत से 5.3 किलोमीटर लंबा एलआईसी से ऑटोमोटिव चौक तक का फ्लाईओवर।
- 219 करोड़ की लागत से 3.96 किलोमीटर का रिजर्व बैंक चौक से सदर फ्लाईओवर का निर्माण।
एनएच बंद का हटेगा ठप्पा
डिजाइन में खामी होने के कारण नेशनल हाईवे को बंद करने के लिए प्रशासन को मजबूर होना पड़ा था। हजारों लोगों के लिए यह ‘बैरिकेड’ सिरदर्द बन चुका था। कम से कम नए रैंप के बनने के बाद उम्मीद की जा सकती है कि यह समस्या खत्म होगी और मार्ग को सीधे जाने के लिए खोला जा सकेगा। सब कुछ होने के बाद भी लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन प्रोजेक्ट को गति नहीं मिल पा रही है। लोगों का कहना है कि डिजाइन फाइलन करने में जब इतना वक्त लग रहा है तो निर्माण कार्य करने में कितना समय लगेगा।
