नागपुर महा मेट्रो फेज-2 का बड़ा एक्शन: 216 करोड़ की लागत से बिछेगा रेल ट्रैक, विस्तार को मिली नई गति

Nagpur Maha Metro: नागपुर मेट्रो फेज-2 में 216 करोड़ रुपये की लागत से 24 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर रेल ट्रैक और तकनीकी प्रणाली विकसित की जाएगी। परियोजना अब अहम निर्माण चरण में पहुंच गई है।
Major move for Nagpur Maha Metro Phase-2: Rail tracks to be laid at a cost of ₹216 crore; expansion gains fresh momentum.
नागपुर मेट्रो, महा मेट्रो, फेज-2, (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur Metro Phase 2 Track Laying: नागपुर महा मेट्रो फेज-2 अब निर्माण के अगले और सबसे महत्वपूर्ण चरण की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। नागपुर महा मेट्रो ने दूसरे चरण की इस परियोजना के 2 प्रमुख कॉरिडोर पर रेल ट्रैक और उससे जुड़ी तकनीकी प्रणाली विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत लगभग 216 करोड़ रुपए की लागत से ट्रैक बिछाने का काम किया जाएगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 24 किलोमीटर लंबे मार्ग के ऊंचे पुलों पर बैलेस्टलेस ट्रैक बिछाने का काम विकसित किया जाएगा, साथ ही रेल ट्रैक की टेस्टिंग, टर्नआउट और अन्य रेल अवसंरचना विकसित करने के काम भी होंगे। महा मेट्रो के अनुसार फेज 2 में करीब 43 किमी का कॉरिडोर बिछाया जाना है।

इसमें से फिलहाल रीच-1बी में नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट (एनसीआई) स्टेशन से एमआईडीसी ईएसआर क्षेत्र तक 17.5 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर और रीच-3ए में लोकमान्यनगर से हिंगना मेट्रो स्टेशन तक 6.5 किमी का रेल ट्रैक विकसित किया जा रहा है।

अर्थात इन दोनों कॉरिडोर को मिलाकर कुल 24 किलोमीटर लंबी रेल पटरी बिछाई जा रही है। इन दोनों ही मार्गों पर कुल 15 मेट्रो स्टेशन जुड़ेंगे। इसके लिए आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रियाएं शुरू हो चुकी हैं, इसलिए संभवतः जल्द ही महा मेट्रो पटरी बिछाने के काम को आगे बढ़ाएगा।

उल्लेखनीय है कि मेट्रो परियोजना में ट्रैक निर्माण को सबसे महत्वपूर्ण चरणों में माना जाता है। किसी भी कॉरिडोर पर रेल ट्रैक बिछने के बाद ही सिग्नलिंग, विद्युत प्रणाली, ट्रायल रन और अंततः यात्री सेवा की दिशा में आगे बढ़ा जाता है। ऐसे में फेज-2 में ट्रैक प्रणाली विकसित करने की तैयारी को परियोजना को तेजी से पूरा करने का बड़ा संकेत माना जा रहा है।

महा मेट्रो फेज-2 के ट्रैक कार्य पर 216 करोड़ खर्च

प्राप्त जानकारी के अनुसार महा मेट्रो फेज-2 के इस कार्य की अनुमानित लागत 216.51 करोड़ रुपए है। परियोजना को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सहयोग प्राप्त होने के कारण इस कार्य में वैश्विक स्तर का अनुभव रखने वाली एजेंसियों की भागीदारी भी संभव होगी। नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट स्टेशन से एमआईडीसी ईएसआर क्षेत्र तक और लोकमान्यनगर से हिंगना तक रेल ट्रैक विकसित होने से इन दोनों मार्ग को शहर के औद्योगिक और तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिलेगी।

एनसीआई इंटरचेंज-कनेक्टिंग पॉइंट होगा

नागपुर महा मेट्री फेज-2 में 17.5 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर 8 मेट्रो स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं। इनमें अशोकवन, डोंगरगांव, मोहगांव, मेघदूत सिडको, बूटीबोरी पुलिस स्टेशन, म्हाडा कॉलोनी, एमआईडीसी केईसी और एमआईडीसी ईएसआर इसके प्रमुख स्टेशन होंगे, यह मार्ग शहर को बूटीबोरी के औद्योगिक क्षेत्र से जोड़ेगा जिससे बड़ी संख्या में कर्मचारियों तथा यात्रियों के परिवहन सुविधाजनक होगा। नेशनल कैसर इंस्टीट्यूट इस रीच का शुरुआती इंटरचेंज-कनेक्टिंग पॉइंट है।

हिंगना की कनेक्टिविटी होगी मजबूत

6.5 किलोमीटर लंबे इस विस्तार मार्ग पर 7 मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित है। हिंगना माउंट व्यू, राजीवनगर, वानाडोंगरी, एपीएमसी, रायपुर, हिंगना बस स्टेशन और हिंगना स्टेशन इस कॉरिडोर का हिस्सा होंगे। यह मार्ग हिंगना क्षेत्र को मेट्रो ट्रेन के नेटवर्क से जोड़ते हुए औद्योगिक, शैक्षणिक और आवासीय क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।

करीब 40 प्रतिशत कंस्ट्रक्शन वर्क पूरा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नागपुर महा मेट्रो के दूसरे चरण में अब तक करीब 35 से 40 प्रतिशत सिविल वर्क पूर्ण हो चुका है। इसमें फेज-2 के तहत प्रस्तावित स्टेशनों के निर्माण का रहा है।

इनमें सबसे अधिक काम 24 किमी के कॉरिडोर पर हो चुका है। इसलिए इन मार्गों पर अब रेल ट्रैक बिछाने के काम किए जाएंगे। सूत्रों ने बताया कि रेल ट्रैक बिछाने की दिशा में यह पहला कार्य होगा, फेज-2 में अब तक केवल सिविल कंस्ट्रक्शन वर्क ही होता रहा है।

-नवभारत लाइव के लिए नागपुर से रियाज अहमद की रिपोर्ट

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