

RTMNU Controversy Nagpur News: राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में छात्रों की समस्याओं को लेकर हुए उग्र आंदोलन के बीच कुलगुरु मनाली शिरसागर का बयान सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह आंदोलनकारियों से चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार थीं, लेकिन प्रदर्शनकारी बातचीत करने के बजाय केवल आक्रोश दिखाने पर उतारू थे।
भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) ने विश्वविद्यालय प्रशासन के कथित मिसमैनेजमेंट के खिलाफ मंगलवार को विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। रिजल्ट में गड़बड़ी, लंबित डिग्री, रीवैल्यूएशन प्रक्रिया में देरी और छात्रों की अनदेखी को लेकर गुस्साए छात्रों के समर्थन में BJYM कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
प्रदर्शनकारियों ने “शिक्षा हमारा हक है” जैसे नारे लगाते हुए परिसर में विरोध जताया। आंदोलन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने कुलगुरु कार्यालय के बाहर लगी नेमप्लेट तोड़ दी तथा विश्वविद्यालय परिसर के प्रवेश द्वार पर लगी कुंडी भी उखाड़कर फेंक दी। BJYM पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की समस्याओं का तत्काल समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच कुलगुरु मनाली शिरसागर मौके पर मौजूद थीं। उन्होंने कहा, “मैं चर्चा के लिए तैयार थी, लेकिन आंदोलनकारी बातचीत करने के लिए तैयार नहीं थे। वे मुझे वहां जाने भी नहीं दे रहे थे।”
उन्होंने आगे कहा, “ऐसा नहीं है कि कोई मोर्चा लेकर आए तभी हमें छात्रों की समस्याएं पता चलेंगी। पिछले साढ़े पांच महीनों से हम छात्रों की समस्याओं का समाधान पहले ही करने का प्रयास कर रहे हैं। नई कंपनी होने के बावजूद हमने समय पर रिजल्ट जारी किए। जहां कहीं भी त्रुटियां सामने आईं, वहां तुरंत सुधार किया गया। हमारी वजह से किसी भी छात्र का नुकसान नहीं हुआ है।”
समर परीक्षा को लेकर उठ रहे सवालों पर कुलगुरु ने कहा, “समर एग्जाम गर्मियों में ही होंगे, सर्दियों में नहीं।” उन्होंने बताया कि छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए हेल्पलाइन और व्हॉट्सऐप नंबर भी जारी किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर अव्यवस्थाओं के सवाल पर उन्होंने दावा किया कि सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
गौरतलब है कि एक दिन पहले ही BJP शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी के निर्देश पर BJYM ने छात्रों की समस्याओं को लेकर ‘यूनिवर्सिटी स्टूडेंट प्रॉब्लम डिस्कशन’ कार्यक्रम आयोजित किया था। इसमें छात्रों की शिकायतें सुनने और विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाब मांगने की बात कही गई थी।