नागपुर यूनिवर्सिटी में छात्रों को दोपरी परीक्षा! मई की भीषण गर्मी में पसीने से तर-बतर परीक्षार्थी
RTMNU Summer Exams: विदर्भ में पारा रिकॉर्ड तोड़ रहा है। नागपुर विश्वविद्यालय की देरी से शुरू हुई परीक्षाएं छात्रों के लिए आफत बन गई हैं। केंद्रों पर सुविधाओं के अभाव से छात्र परेशान है।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
Nagpur University Exams 2026: विदर्भ में पारा चढ़ता ही जा रहा है। अप्रैल के महीने में ही मई जैसी गर्मी ने हलाकान कर रखा है। वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय द्वारा ग्रीष्म सत्र परीक्षाओं की शुरुआत की गई है। हालांकि पहले चरण में सर्टिफिकेट परीक्षाएं हो रही हैं लेकिन मुख्य विषयों की परीक्षा मई में होगी। परीक्षा केंद्रों में गर्मी से बचाव के लिए खास व्यवस्था नहीं होने से विद्यार्थियों के बुरे हाल हैं। स्थिति यह है कि एक हाथ उत्तर पत्रिका में लिख रहा होता है वहीं दूसरा हाथ पसीना पोछने में लगा रहता है।
इस बार राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय की परीक्षाओं का शेड्यूल बिगड़ गया है। प्राय: ग्रीष्म सत्र की परीक्षाएं फरवरी से आरंभ हो जाती थीं लेकिन इस बार अप्रैल के अंतिम सप्ताह से शुरू हुई हैं। यही वजह है कि यह परीक्षाएं जून तक चलेंगी। पिछले वर्ष मई अंत तक परीक्षाएं खत्म हो गई थीं। इस बार मई के महीने में सभी प्रमुख विषयों की परीक्षाएं होंगी। इस बार गर्मी अपने सभी रिकॉर्ड तोड़ने को बेकरार है।
अप्रैल में ही मई जैसी गर्मी ने हलाकान कर रखा है। फिर मई में क्या होगा, यह ‘सूर्यदेवता’ ही जानते हैं। विवि की परीक्षाएं 4 जिलों में ली जाती हैं। परीक्षा के लिए 120 से अधिक केंद्र निर्धारित किये गये हैं। वहीं 1,000 से ज्यादा विषयों की परीक्षा ली जाएगी। ग्रीष्म परीक्षाओं में ढाई से तीन लाख छात्र होते हैं।
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केंद्रों को निर्देश, फिर भी सुविधाएं नहीं
हालांकि विवि प्रशासन ने गर्मी से बचाव के लिए केंद्रों में सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत पंखा, कूलर, ठंडा पानी और प्रथमोपचार की सुविधा को अनिवार्य किया गया है लेकिन परीक्षा केंद्रों की हालत में सुधार नहीं आया है। अधिकांश कॉलेजों में जिस कमरे में परीक्षा ली जा रह है वहां करीब 2 पंखे लगे हैं। परीक्षा सुबह और शाम के 2 सत्र में ली जा रही है।
हालांकि सुबह के सत्र में ज्यादा परेशानी नहीं है लेकिन दोपहर के सत्र में गर्म हवा के झोंके हलाकान कर रहे हैं। दोपहर के वक्त एक ओर जहां घर से निकलना मुश्किल हो रहा है वहीं दूसरी ओर विद्यार्थियों को गर्म हवा के बीच परीक्षा देना पड़ रहा है। कई विद्यार्थी तो पसीने से लथपथ हो जाते हैं। कूलर बहुत कम केंद्रों में देखने को मिल रहे है। वहीं बीच-बीच में बिजली गुल की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है।
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विवि दे निधि तो लगाएं कूलर
केंद्रों का कहना है कि परीक्षा संचालित करने के लिए विवि द्वारा ज्यादा निधि नहीं दी जाती। वहीं सभी कमरों में कूलर लगाना कॉलेजों के लिए खर्चीला काम है। यदि नागपुर विवि प्रशासन द्वारा निधि दी जाये तो यह किया जा सकता लेकिन विवि कभी निधि नहीं देता। कई बार लोडशेडिंग और बिजली गुल का भी सामना करना पड़ता है। इस बार परीक्षाएं देरी होने के कारण छात्रों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। अब तक मई के अंतिम सप्ताह तक परीक्षाएं हो जाती थीं लेकिन इस बार उसम वाले जून में भी विद्यार्थियों को परीक्षा देना पड़ेगा।
