Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

मासूम बच्चों और महिलाओं से बदसलूकी; आरपीएफ की इस ‘डकैती’ ने रेल सुरक्षा के दावों की पोल खोली

Nagpur Passengers Harassed: आगरा स्टेशन पर आरपीएफ की 'गुंडागर्दी'। नागपुर के यात्रियों से ₹7000 की लूट और बदसलूकी। रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और हेल्पलाइन 139 की विफलता पर गंभीर सवाल।

  • Written By: प्रिया जैस
Updated On: Jan 31, 2026 | 03:43 PM

आरपीएफ की गुंडागर्दी (AI Generated Photo)

Follow Us
Close
Follow Us:

Railway Passenger Safety: भारतीय रेल में रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ का गठन यात्रियों की सुरक्षा, विश्वास और संवेदनशील परिस्थितियों में मानवीय सहायता के उद्देश्य से किया गया है लेकिन आगरा स्टेशन पर नागपुर के यात्रियों पर चेन पुलिंग का झूठा आरोप लगाकर 7,000 रुपये की लूट की घटना बताती है कि खाकी वर्दी के भीतर छिपी कुछ मानसिकताएं अब सुरक्षा नहीं बल्कि भय का पर्याय बनती जा रही हैं। जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं तो अपराध केवल व्यक्ति विशेष का नहीं, पूरी व्यवस्था की साख पर हमला होता है।

सभ्य समाज को शर्मसार करने वाली अमानवीयता

इस प्रकरण में आरपीएफ कर्मियों द्वारा जिस तरह यात्रियों, विशेषकर महिला और डेढ़-डेढ़ वर्ष के मासूम बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया, वह किसी भी सभ्य समाज को शर्मसार करने के लिए पर्याप्त है। बिना जांच, बिना प्रमाण और बिना संवेदना के यात्रियों पर झूठा आरोप थोपना, गर्दन दबाना, महिला को बच्चे सहित घसीटना, यह सब कानून की रक्षा नहीं बल्कि कानून की हत्या है। यह आचरण बताता है कि कुछ कर्मियों के लिए वर्दी सेवा का प्रतीक नहीं, सत्ता के दुरुपयोग का हथियार बन चुकी है।

आम यात्री का विश्वास टूटना लाजिमी

ऐसी घटनाएं आरपीएफ और रेलवे की छवि को यात्रियों के मन में गहरी चोट पहुंचाती हैं। जिस बल पर यात्री संकट की घड़ी में भरोसा करते हैं वही जब डराने, धमकाने और लूटने लगे तो आम नागरिक का भरोसा टूटना स्वाभाविक है। एक बार टूटा विश्वास केवल माफी या प्रेस विज्ञप्ति से वापस नहीं आता। हर ऐसी घटना हजारों ईमानदार कर्मियों की छवि को भी धूमिल करती है जो वास्तव में कर्तव्यनिष्ठ हैं।

सम्बंधित ख़बरें

कुरार पुलिस के वरिष्ठ निरीक्षक पर चुनाव प्रभावित करने का आरोप, वीडियो हुआ वायरल

सुनेत्रा पवार ने राज्यसभा सांसद पद से दिया इस्तीफा, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की लेंगी शपथ

तहलका मचाने वाला VIDEO, युवक ने ठाकरे बंधुओं पर किया भद्दा कमेंट, MNS कार्यकर्ताओं ने अर्धनग्न कर निकाला जुलूस

सुनेत्रा पवार बनेंगी महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी सीएम, NCP विधायक दल की नेता चुनी गईं

यह मामला विभाग में आपराधिक सोच वाले सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी की झलक भी देता है। चेन पुलिंग करने वाले अज्ञात युवक की भूमिका, आरपीएफ कर्मियों की असाधारण तत्परता, वीडियो बनाने से रोकने की धमकी और खाली रसीद पर हस्ताक्षर, ये सब संकेत देते हैं कि यह केवल ‘दुर्व्यवहार’ नहीं बल्कि संगठित उगाही जैसा अपराध है। सवाल यह भी है कि क्या ऐसे तत्व वर्षों से सिस्टम के भीतर पल-बढ़ रहे हैं?

…सिर्फ आंकड़ों को सुंदर बनाया जाता है

सबसे चिंताजनक पहलू दिल्ली स्थित आरपीएफ हेडक्वार्टर और सतर्कता (भ्रष्टाचार निरोधक) तंत्र की चुप्पी है। हेल्प लाइन नंबर 139 पर की गई शिकायत को बिना पुष्टि के बंद कर देना दर्शाता है कि शिकायत निवारण तंत्र यात्रियों के लिए नहीं, आंकड़ों को सुंदर बनाने के लिए चल रहा है। जब ऊपर से सख्त निगरानी नहीं होगी तो नीचे जवाबदेही कैसे आएगी?

यह भी पढ़ें – तहलका मचाने वाला VIDEO, युवक ने ठाकरे बंधुओं पर किया भद्दा कमेंट, MNS कार्यकर्ताओं ने अर्धनग्न कर निकाला जुलूस

बेहतर होगा कि हेडक्वार्टर ऐसे मामलों में सघन जांच करके दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दें, साथ ही इस कार्यवाही को सार्वजनिक करें ताकि आरपीएफ कर्मियों द्वारा यात्रियों से ऐसा दुर्व्यवहार ना हो और यात्रियों के मन में विभाग के प्रति पारदर्शिता वाली छवि का निर्माण हो।

बाडीवॉर्न कैमरा, डिजिटल पेनल्टी, ट्रेसेबल हो

ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस उपाय आवश्यक हैं जैसे आरपीएफ कर्मियों के लिए बॉडी कैमरा अनिवार्य हो। हर पेनल्टी डिजिटल और ट्रेसेबल हो। शिकायतों की स्वतंत्र जांच हो और दोषियों पर त्वरित व सार्वजनिक कार्रवाई हो। साथ ही इस कार्यवाही के परिणाम की पीड़ित रेल यात्री को सूचना भी जाये, ताकि उसके मन में रेलवे और आरपीएफ के प्रति दर्दनाक अनुभव के स्थान पर विश्वास का घर बने।

संवेदनशीलता और मानवाधिकारों पर नियमित प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाए। आरपीएफ को यह समझना होगा कि पीड़ित यात्री कोई ‘फाइल’ नहीं बल्कि इंसान हैं। उनके प्रति सहानुभूति, सम्मान और न्याय का भाव रखना कोई एहसान नहीं बल्कि संवैधानिक और नैतिक दायित्व है। यदि खाकी अपनी आत्मा नहीं बचा पाई तो वर्दी का रंग ही नहीं, उसका अर्थ भी मिट जाएगा।

Rpf extortion agra station nagpur passengers harassment railway safety

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jan 31, 2026 | 03:43 PM

Topics:  

  • Maharashtra
  • Nagpur
  • Nagpur News
  • RPF

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.