
हीटस्ट्रोक को लेकर एक्शन प्लान की समीक्षा। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
नागपुर: अप्रैल का महीना शुरू होते ही उपराजधानी नागपुर में तेज धूप पड़ रही है। आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है। इसी को देखते हुए बुधवार को नागपुर महानगरपालिका आयुक्त एवं प्रशासक डॉ. अभिजीत चौधरी ने हीटस्ट्रोक की रोकथाम और नियंत्रण उपायों के लिए कार्य योजना की समीक्षा की। बैठक में आयुक्त ने सुझाव दिया कि प्रायोगिक आधार पर सभी मनपा भवनों सहित कुछ घरों की छतों पर ‘हिट रिफ्लेक्टिव पेंट’ लगाया जाना चाहिए, तथा यह निर्धारित करने के लिए एक विस्तृत अध्ययन किया जाना चाहिए कि घर में कितनी गर्मी कम होती है और आगे की कार्रवाई के लिए एक रिपोर्ट प्रस्तुत की जानी चाहिए। इसी के साथ आयुक्त ने हीटस्ट्रोक की रोकथाम के लिए दीर्घकालिक एवं अल्पकालिक उपाय करने के भी निर्देश दिए।
मनपा आयुक्त मुख्यालय में आयोजित बैठक में समिति की अध्यक्षता मनपा आयुक्त व प्रशासक डॉ. अभिजीत चौधरी, उपायुक्त विजय देशमुख, अशोक गराटे, मेडिकल स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दीपक सेलोकर, अधीक्षण अभियंता मनोज तालेवार, सहायक निदेशक नगर नियोजन ऋतुराज जाधव, मेडिकल स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेंद्र बहिरवार, मेडिकल अधिकारी (संचारी रोग) डॉ. गोवर्धन नवखरे, कार्यकारी अभियंता अल्पना पाटने, श्रीकांत वाईकर, फायर स्टेशन अधिकारी तुषार बारहाते, पार्क अधीक्षक अमोल चौरापगार, क्षेत्रीय मौसम विभाग नागपुर के वैज्ञानिक डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. रिजवान अहमद, यातायात पुलिस निरीक्षक सुनंदा देशमुख, सहायक मेडिकल अधीक्षक डॉ. अक्षय सज्जनवार, वीएनआईटी की प्राध्यापक डॉ. राजश्री कोथलकर, सहायक प्राध्यापक डॉ. राहुल तरोडिया, जिला कलेक्टर कार्यालय के अंकुश गावंडे, यूएनडीपी सिटी परियोजना समन्वयक अरूषा आनंद, लायंस इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट गवर्नर बलबीर सिंह विज सहित शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (मेडिकल) तथा इंदिरा गांधी शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (मेयो) के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
बैठक में हीटस्ट्रोक को रोकने के लिए, यूएनडीपी द्वारा नागपुर शहर में उन क्षेत्रों की पहचान करने के लिए एक सर्वेक्षण किया गया है जो हीटस्ट्रोक से संभावित रूप से प्रभावित होते हैं। इन संभावित प्रभावित क्षेत्रों के बारे में जानकारी मनपा की बैठक में प्रस्तुत की गई। आयुक्त ने इन क्षेत्रों में प्रभावी सुधारात्मक उपाय लागू करने के निर्देश दिए। आयुक्त ने प्रभावित क्षेत्रों सहित शहर के विभिन्न हिस्सों में मटका, कैन या नल के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने का भी सुझाव दिया। इसके अलावा, उन्होंने पूरे शहर सहित विशेष रूप से प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय गैर सरकारी संगठनों के सहयोग से जलापूर्ति स्टेशन स्थापित करने की पहल करने का भी सुझाव दिया। आयुक्त ने सिंचाई नहरों पर ग्रीन नेट लगाने, सिग्नलों पर छाया के लिए ग्रीन नेट लगाने, पार्कों को दोपहर में खुला रखने तथा वहां पेयजल की व्यवस्था करने, ग्रीन नेट की व्यवस्था कर ‘कूलिंग प्वाइंट’ बनाने तथा पार्क के सामने इसकी जानकारी देने वाले बैनर लगाने के भी निर्देश दिए।
शिक्षा अधिकारी साधना सैयाम ने बैठक में बताया कि सभी मनपा स्कूल सुबह के सत्र में शुरू कर दिए गए हैं। मनपा के स्कूलों में विद्यार्थियों को हीटस्ट्रोक के बारे में जागरूक करने तथा उन्हें जागरूकता संबंधी पर्चे वितरित करने के अलावा, आयुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि इस पहल के कार्यान्वयन के संबंध में शहर के सभी स्कूलों को एक परिपत्र जारी किया जाए। आयुक्त डॉ. चौधरी ने निर्देश दिए हैं कि शहर की सड़कों, बाजारों, बस स्टैंड, अस्पतालों और शहर के अन्य प्रमुख स्थानों पर हीटस्ट्रोक की रोकथाम के संबंध में हर विभाग में समुचित कार्रवाई की जाए।
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नागरिकों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए हीटस्ट्रोक की रोकथाम हेतु कार्ययोजना तत्काल लागू की जाए तथा सभी संबंधित विभागों से समन्वय किया जाए। संबंधित विभाग द्वारा की गई सुधारात्मक कार्रवाई पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत की जानी चाहिए। इस समय महामारी अधिकारी डॉ. गोवर्धन नवखरे ने अपने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर वर्ष किए जाने वाले उपायों की जानकारी प्रदान की। आयुक्त ने नगर स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे उपायों के बारे में जानकारी लेने के बाद आवश्यक सुधार और सुझाव दिए। आयुक्त ने स्वास्थ्य विभाग सहित सभी विभागों को हीटस्ट्रोक के संबंध में समुचित जानकारी, जागरूकता एवं समन्वय सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
यूएनडीपी द्वारा किए गए सर्वेक्षण के अनुसार, शहर में हीटवेव से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों की सूची अनुसार






