Nagpur Protest: आरक्षण उपवर्गीकरण के खिलाफ सड़कों पर उतरा जनसैलाब, सरकार के खिलाफ गूंजे नारे
Nagpur Protest News: नागपुर के संविधान चौक पर हजारों लोगों ने आरक्षण उपवर्गीकरण के खिलाफ प्रदर्शन किया। सरकार की नीतियों के विरोध में जमकर नारेबाजी हुई।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर संविधान चौक धरना,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Protest Reservation Issue: नागपुर महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्रस्तावित आरक्षण के उपवर्गीकरण के खिलाफ रविवार को संविधान चौक पर हजारों लोगों ने एकजुट होकर सरकार की नीतियों का कड़ा विरोध किया। ‘आरक्षण बचाव कृति समाज’ द्वारा विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से रविवार शाम को इस भव्य विरोध प्रदर्शन और धरने का आयोजन किया गया।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पूरा परिसर ‘आरक्षण बचाव-उपवर्गीकरण हटाओ’, ‘आरक्षण में विभाजन बंद करी’, ‘उपवर्गीकरण नहीं चलेगा’ और ‘उपवर्गीकरण हटाओ-समाज की दरार मिटाओं जैसे नारों से गूंज उठा।
‘बदर समिति’ की रिपोर्ट और अनुसूचित जातियों में फूट का आरोप
आंदोलनकारियों का मुख्य आरोप है कि महाराष्ट्र सरकार ने अनुसूचित जातियों के आरक्षण का उपवर्गीकरण करने की दिशा में कदम तो उठाया है लेकिन इस संदर्भ में तैयार की गई ‘बदर समिति की रिपोर्ट को अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। नेताओं ने इस कदम को अनुसूचित जातियों में फूट डालने की सोची-समझी नीति करार दिया और इसी के विरोध में इस विशाल आंदोलन का आह्वान किया गया।
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दर्ज कराया गया विरोध
इस महा आंदोलन में समाज के विभिन्न वर्गों के नेताओं ने मंच साझा किया, सफाई कर्मचारी आंदोलन के किशोर बिरहा, चर्मकार संगठन की और से मीना भागवतकर और ओबीसी नेता संध्या राजुरकर ने उपवर्गीकरण का प्रखर विरोच किया।
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इसके अलावा आंदोलन में डॉ. प्रदीप आगलावे, डॉ. अशोक उरकुडे, कुलदीप रामटेके, प्रदीध नगरारे, राजीव खोबरागडे, ऑफिसर्स फोरम के सच्चिदानंद दारुण्डे, एडवोकेट स्मिता कांबले, गडवोकेट पायल गायकवाड, एडवोकेट आकाश मून, पुष्पा बौद्ध, तक्षशिला वाघधरे आदि उपस्थित थे।
