मनपा बजट में फिर से पुनर्विनियोजन, जल्द ही मनपा की सभा में आएगा प्रस्ताव
- Written By: नवभारत डेस्क
नागपुर. मनपा का चुनावी वर्ष होने तथा निकट भविष्य में आम चुनावों को देखते हुए विकास कार्यों के नाम पर कुछ समय पहले स्थायी समिति के बजट में पुनर्विनियोजन किया गया था. मनपा के इतिहास में यह पहला मौका है कि बजट में दूसरी बार पुनर्विनियोजन करना पड़ रहा है.
उल्लेखनीय है कि लगभग 4 वर्ष पूर्व रेलवे स्टेशन के सामने के प्लाईओवर को तोड़ने का निर्णय लिया गया था. जिसके लिए मनपा को निर्देश भी दिए गए थे. फ्लाईओवर के नीचे स्थित दूकानों के मालिकों के साथ समझौता भी किया गया. जिसके बाद इन्हें मुआवजा देने का निर्णय लेकर पुल तोड़ने पर मुहर लगाई गई. लेकिन अब तक न तो दूकानदारों को मुआवजा मिल सका और न ही पुल तोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो सकी. अलबत्ता हाल ही में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा ली गई बैठक में पदाधिकारी और अधिकारियों को फटकार लगते ही अब मनपा बजट में पुनर्विनियोजन करने का निर्णय लिया गया. जल्द ही इस संदर्भ में मनपा की सभा के समक्ष प्रस्ताव लाया जाएगा.
आयुक्त के बजट में हो रही देरी
सूत्रों के अनुसार काफी पहले ही पुल तोड़ने और पुल के नीचे के दूकानदारों को मुआवजा देने का निर्णय होने के बाद भी आवश्यक निधि के लिए बजट में प्रावधान नहीं किया गया था. यहीं कारण है कि अब पुनर्विनियोजन करने की नौबत आ गई है. बताया जाता है कि राज्य सरकार के सिटी सर्वे विभाग द्वारा किए गए आकलन के अनुसार इन दूकानदारों को कुल 29 करोड़ का भुगतान करना पड़ेगा. उक्त निधि के अलावा कोरोना महामारी से निपटने के लिए नियुक्त डॉक्टरों को मानधन दिया जाना है.
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तीसरी लहर आने के कारण अस्थायी रूप में नियुक्त डॉक्टरों की सेवाएं बढ़ाई गईं. जिससे उन्हें भुगतान के लिए भी बजट में पुनर्विनियोजन करना है. जानकारों के अनुसार स्थायी समिति के बजट में पुनर्विनियोजन करने की बजाए, आयुक्त द्वारा हर वर्ष दिए जानेवाले सुधारित और प्रस्तावित बजट में भी इसका प्रावधान किया जा सकता था. नियमों के अनुसार 20 फरवरी तक आयुक्त को बजट देना होता है लेकिन इसमें देरी होने के कारण ही पुनर्विनियोजन किया जा रहा है.
स्थायी वित्त अधिकारी नहीं होने से समस्या
बताया जाता है कि 31 दिसंबर को ही मनपा के मुख्य लेखा और वित्त अधिकारी (कैफो) की सेवाएं समाप्त हुई. राज्य सरकार की ओर से कैफो की नियुक्ति होती है. एक माह से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद कैफो की नियुक्ति नहीं हो पाई थी. जिससे मनपा के वित्तीय मामलों में समस्याएं आ रही थीं. अब प्रन्यास के वित्त अधिकारी खडसे को ही मनपा में वित्त अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है. स्थायी वित्त अधिकारी मिलने के बाद अब मनपा का गाड़ी पटरी पर आने की उम्मीद जताई जा रही है.
