CBSE Board Exam: 12वीं मैथ के पेपर में ‘आउट ऑफ सिलेबस’ सवालों ने बढ़ाई टेंशन, QR कोड स्कैन करने पर बज रहे गाने
CBSE 12वीं 'अप्लाइड मैथ्स' की परीक्षा में 12 अंकों के सवाल सिलेबस से बाहर पूछे जाने पर छात्रों ने हंगामा किया है। साथ ही, प्रश्नपत्र के QR कोड में गाने चलने से बोर्ड की लापरवाही उजागर हुई है।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Applied Maths Paper Out of Syllabus: महाराष्ट्र में 12वीं स्टेट बोर्ड की परीक्षा के दौरान पेपर लीक प्रकरण की आग अभी ठंडी ही नहीं हुई थी कि सोमवार को सीबीएसई के पेपर में 12 अंकों के प्रश्न आउट ऑफ सिलेबस होने से छात्रों की परेशानी बढ़ गई। इस संबंध में कई छात्रों ने सीबीएसई को मेल भेजकर शिकायत भी की है। इन प्रश्नों को हल करने में छात्रों का समय बर्बाद हुआ। इस वजह से अन्य प्रश्न भी हल करने में समय नहीं मिल सका।
छात्रों-अभिभावकों ने बताया कि 12वीं अप्लाइड मैथ्स विषय के प्रश्नपत्र का अवलोकन करने पर पाठ्यक्रम तथा प्रश्नों में दिए गए आंकड़ों से संबंधित कुछ विसंगतियां सामने आई हैं। तकनीकी अवलोकन एवं पाठ्यक्रम से असंगत प्रश्न हैं। प्रश्न 19 पाठ्यक्रम से बाहर का है। इस प्रश्न में इनवर्स ट्रिगनामेंट्री का उपयोग किया गया है, जो अनुप्रयुक्त गणित (241) के निर्धारित पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं है। प्रश्न 35 भी पाठ्यक्रम से बाहर का पूछा गया। यह प्रश्न फाइनेंसियल मैथेमेटिक्स के ‘रिटर्न’ विषय से संबंधित है, जिसे वर्तमान पाठ्यक्रम से बाहर रखा गया है। प्रश्न 37(ii) में सेल्स में एवरेज चेंज की गणना इस शैक्षणिक वर्ष के निर्धारित पाठ्यक्रम में शामिल नहीं है जबकि प्रश्न पूछा गया। इसी तरह प्रश्न 34(बी) में अधूरी जानकारी है। यह प्रश्न पॉयजन डिस्ट्रीब्यूशन से संबंधित है, लेकिन इसे हल करने के लिए आवश्यक घातांकीय मान (e^-λ) प्रश्नपत्र में प्रदान नहीं किए गए हैं।
क्यूआर कोड में बज रहे गाने
उपरोक्त विसंगतियों के कारण उन विद्यार्थियों के प्रदर्शन और समय प्रबंधन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जिन्होंने केवल सीबीएसई/एनसीईआरटी के आधिकारिक पाठ्यक्रम के अनुसार तैयारी की थी। छात्रों ने सीबीएसई से मांग की है कि मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान इन बिंदुओं पर विचार किया जाए तथा परीक्षकों को आवश्यक अंकन-रियायत या दिशानिर्देश प्रदान किए जाएं। छात्रों को मिलने वाले प्रश्न पत्र के एक हिस्से में क्यूआर कोड दिया जाता है। यह क्यूआर कोड सत्यतता की प्रामाणितका के लिए होता है। जब इसे स्कैन किया गया तो इसमें गाने का वीडियो आ रहा है। इससे साफ हो जाता है कि परीक्षा जैसे गंभीर विषय को लेकर सीबीएसई द्वारा कितनी लापरवही बरती जा रही है।
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समय बेकार, छात्र निराश
हालांकि सभी छात्र 12वीं बोर्ड परीक्षा की अच्छी तरह से तैयारी करके गये थे लेकिन जब इतने सारे प्रश्न पाठ्यक्रम के बाहर से पूछे गये तो छात्रों का सिरदर्द ही बढ़ गया। हालांकि कई छात्रों ने इन प्रश्नों को हल करने का प्रयास किया लेकिन जब स्कूल में पढ़ाया ही नहीं गया था तो फिर प्रश्न हल कैसे होते। इसमें छात्रों का समय बर्बाद हुआ। समय की बर्बादी की वजह से अन्य प्रश्नों की दुर्लक्ष हुआ। 80 अंकों के प्रश्न पत्र में 12 अंक के प्रश्न पाठ्यक्रम से बाहर के होने के कारण 68 अंक के ही प्रश्न रह गये। इसमें भी समय की बर्बादी होने से कई प्रश्न हल नहीं कर पाये। इससे छात्रों के परिणाम पर निश्चित ही असर पड़ सकता है।
