SBL एनर्जी लिमिटेड पर गिरी गाज: हाई कोर्ट की सख्ती के बाद लाइसेंस रद्द, 25 कामगारों की जान से हुआ खिलवाड़
Raulgaon SBL Blast Nagpur: हाई कोर्ट में कलेक्टर और एसपी का बड़ा खुलासा, सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण गई 25 श्रमिकों की जान। एसबीएल एनर्जी का लाइसेंस निलंबित।
- Written By: प्रिया जैस
एसबीएल कंपनी ब्लास्ट (फाइल फोटो)
SBL Energy Limited Licence Suspend: नागपुर जिले में 1 मार्च, 2026 को राऊलगांव (काटोल तहसील) स्थित SBL एनर्जी लिमिटेड के विस्फोटक कारखाने में हुए भीषण विस्फोट में 25 श्रमिकों की मौत हो गई थी, जिनमें अधिकांश महिलाएं थीं। विस्फोट में बड़ी संख्या में श्रमिक गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। इस घटना के विरोध में सामाजिक कार्यकर्ता और ट्रेड यूनियन नेता जम्मू आनंद की ओर से हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई।
याचिका पर हाई कोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों के अनुसार गुरुवार को सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी और ग्रामीण पुलिस अधीक्षक की ओर से शपथपत्र दायर किया गया। शपथपत्र में न केवल सुरक्षा मानकों की अनदेखी होने का खुलासा किया गया, बल्कि SBL कम्पनी का लाइसेंस निलंबित करने की भी जानकारी हाई कोर्ट को दी गई। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अरविंद वाघमारे ने पैरवी की।
तीन वर्षों के रिकॉर्ड की समीक्षा
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट को बताया गया कि पिछले तीन वर्षों के रिकॉर्ड की समीक्षा करने पर यह तथ्य सामने आया कि इस मामले में एक महीने के भीतर ही मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए थे, लेकिन उस जांच की वर्तमान स्थिति के बारे में कोई जानकारी रिकॉर्ड पर मौजूद नहीं है।
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कंपनी का लाइसेंस सस्पेंड
फिलहाल, कड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित कंपनी का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, सभी विस्फोटक इकाइयों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है और आगे की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट सौंपी जाती है। इस मौजूदा मामले के संबंध में रिपोर्ट स्पष्ट रूप से बताती है कि इकाई में आवश्यक सुरक्षा सावधानियों का पालन नहीं किया गया था।
