मंत्री आशीष जायसवाल ने छोड़े 4 लाख झींगे (सौजन्य-नवभारत)
Ashish Jaiswal Ramtek: महाराष्ट्र सरकार के मत्स्य विभाग और प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के अंतर्गत खिंडशी जलाशय में मीठे पानी के झींगों के संरक्षण की एक महत्वाकांक्षी प्रायोगिक पहल का उद्घाटन राज्य मंत्री एड. आशीष जायसवाल ने 21 मार्च को किया। इस अवसर पर खिंडशी झील में 4 लाख झींगे छोड़े गए। इस परियोजना की लागत 7 लाख 60 हजार रु है।
मंत्री जायसवाल ने अपील की कि यह परियोजना बहुत उपयोगी होगी और मछुआरों को इसका व्यापक लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मछुआरों का संगठित होना और विभिन्न सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाना आवश्यक है। इससे पहले ब्लू रिवोल्यूशन योजना लागू की गई थी, जिसके बाद प्रधानमंत्री मत्स्यसंपदा योजना लागू की गई।
इसी तर्ज पर, मुख्यमंत्री मत्स्यसंपदा योजना की घोषणा बजट में की गई है और इसके लिए 1240 करोड़ रु का प्रावधान किया गया है। मत्स्य पालन क्षेत्र के विकास के लिए बड़े पैमाने पर शीत भंडारण सुविधाएं स्थापित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। वैश्विक स्तर पर ताजे पानी की मछलियों की भारी मांग है। नागपुर में जितनी मछलियों की आवश्यकता है, उनमें से केवल 50 प्रतिशत ही स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हैं और शेष 50 प्रतिशत बाहर से मंगानी पड़ती हैं।
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इसलिए नागपुर जिले में उपलब्ध विभिन्न जल संसाधनों का प्रभावी उपयोग करके मछली उत्पादन बढ़ाना आवश्यक है। राज्य मंत्री एड. जायसवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि महायुति सरकार मत्स्य पालन व्यवसाय से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से इसके लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
इस अवसर पर रामटेक के नगराध्यक्ष बिकेंद्र महाजन, राष्ट्रीय मत्स्य विकास निगम, हैदराबाद के सदस्य प्रकाश लोनारे, नागपुर मत्स्य पालन क्षेत्रीय उपायुक्त सुनील जम्भुले, नागपुर कॉलेज ऑफ फिशरीज साइंस एसोसिएट डीन प्रशांत तलवेकर, डॉ. राजीव राठौड़, सहायक आयुक्त मत्स्य पालन, नागपुर शुभम कोमरेवार, नपं पारशिवनी के उपाध्यक्ष दीपक शिवरकर, पूर्व जिप सदस्य संजय झाडे, रामटेक के मछुआरा बहुउद्देशीय सहकारी समिति के अध्यक्ष दुर्गेश केलावड़े, उपाध्यक्ष सेवक नागपुरे सहित मछुआरा समुदाय के सदस्य उपस्थित थे।