नागपुर के रामदासपेठ में हिट एंड रन केस: वृद्ध को रौंदने वाला मर्सिडीज चालक आखिरकार गिरफ्तार
Nagpur Accident News: नागपुर के रामदासपेठ में वृद्ध साइकिल सवार को कार से टक्कर मारने के मामले में पुलिस ने मर्सडीज चालक को गिरफ्तार किया। मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज की गई।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर हादसा, रामदासपेठ, हिट एंड रन, (सोर्स: सौजन्य AI)
Nagpur Accident Hit and Run Case: नागपुर रामदासपेठ के वेस्ट कोर्ट अपार्टमेंट के समीप अपनी कार से साइकिल पर सवार वृद्ध श्यामलाल वर्मा को रौंदने वाले कार चालक को आखिर सीताबडीं पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बताया जाता है कि आला अधिकारियों ने इस प्रकरण को गंभीरता से लिया। थाने के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।
इसके बाद पुलिस ने मर्सडीज कार क्र। एमएच।41-एके 100 के चालक चुनाभट्टी निवासी सारंग मंगल यादव को गिरफ्तार कर लिया। खबर ये भी है कि पहले उसे केवल सूचना पत्र देकर छोड़ दिया गया था। मामला तूल पकड़ता देख सारंग को थाने बुलाकर गिरफ्तार किया गया।
गुरुवार को तड़के 4 बजे के दौरान नार्थ अंबाझरी रोड पर स्थित पिकोलो और जेड लीफ कॉफी शॉप के सामने दीपक वराड़कर, प्रसाद राऊत, सारंग यादव, अक्षय मड़ावी का गैंगस्टर आबू के बेटे राजा खान और आशू तिवारी के साथ विवाद हो गया। बताया जाता है कि तुरंत ही यहां हथियार निकल गए। राजा के साथ जमकर मारपीट की गई।
सम्बंधित ख़बरें
गड़चिरोली में दर्दनाक हादसा! मछली पालन के टैंक में पैर फिसलने से गिरने के कारण किसान की डूबकर मौत
2029 तक नशा मुक्त बनेगा तेलंगाना! डीजीपी का बड़ा ऐलान, ड्रग माफियाओं पर होगी निर्णायक कार्रवाई
नवभारत विशेष: असहमति के अधिकार बिना अधूरा है लोकतंत्र, बॉम्बे हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
महाराष्ट्र में बारिश से हाहाकार: भूस्खलन और हादसों में 29 की मौत, विधानसभा ठप, मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख
इसके बाद राजा ने फोन घुमाया और अपनी फौज बुला ली। जैसे ही राजा के साथी पहुंचने लगे, दीपक, राऊत, सारंग और मड़ावी वहां से उपरोक्त नंबर की कार से भागे। विरोधी गैंग के हाथों दबोचे जाने के डर से सारंग ने तेज गति में लापरवाही से वाहन चला रहा था और इसी दौरान उसने श्यामलाल की साइकिल को टक्कर मार दी। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया।
आखिर किस वजह से हुई देरी
बताया जाता है कि पुलिस की कार का नंबर प्राथमिक जांच में ही मिल गया था। लेकिन गरीब श्यामलाल का परिवार अपने ही दुख में था, तत्काल पोस्टमार्टम के बाद शव को उत्तर प्रदेश ले जाया गया। इसीलिए पुलिस ने भी इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
सीताबर्डी पुलिस ने अपनी विफलता को छुपाने के लिए इस एक्सीडेंट की वारदात को एक्सीडेंट ही रहने दिया, जबकि आबू के बेटे राजा खान ने विवाद के बाद शंकरनगर और रामदासपेठ में जमकर उत्पात मचाया कई छोटे दुकानदारी का सामान फैका और तोड़ा गया।
यह भी पढ़ें:- यवतमाल में दिल दहला देने वाली वारदात, संदेह के चलते पत्नी की गला रेतकर हत्या, पुलिस जांच तेज; इलाके में सनसनी
2 से 3 घंटे तक यह उत्पात बल रहा था लेकिन सीताबड़ीं पुलिस को खबर तक नहीं लगी, कम से कम गैंगवार का पता लगने के बाद तो उपरोक्त लोगों की बुलाकर पूछताछ की जानी चाहिए थी। कोई शिकायकर्ता नहीं मिला तो पुलिस प्रतिबंधक कार्रवाई भी कर सकती थी लेकिन बताया जाता है कि रातों-रात ही सेटिंग हो गई। कार्रवाई नहीं करने की एवज में लक्ष्मी दर्शन’ की बच्चों भी जोरों पर है।
