भाजपा के गढ़ में भी प्रोजेक्ट लेट, अंतिम चरण में पहुंचा RTO फ्लाईओवर, संडे तक पूरा होगा काम?
RTO Flyover: नागपुर में आरटीओ फ्लाईओवर को लेकर अब भी देरी हो रही है। पूर्व नगरसेवकों की अनदेखी के कारण फ्लाईओवर को बनने में सालों लग गए और अब संडे को काम पूरा होने की उम्मीद की जा रही है।
- Written By: प्रिया जैस
RTO फ्लाईओवर (फाइल फोटो)
Nagpur News: नागपुर में फ्लाईओवर जिस-जिस एरिया से गुजर रहा है। उसके दोनों साइड में भाजपा के ही पूर्व नगरसेवक हैं। स्पष्ट है जनता इन पर भरोसा करती है और अपना अमूल्य वोट देकर इन्हें सत्ता में लाती है। यह अलग बात है कि एक भी पूर्व नगरसेवक फ्लाईओवर निर्माण में हो रही देरी को लेकर गंभीर नहीं है।
कभी भी इन्होंने साइट का विजिट तक नहीं किया और यह जानने का प्रयास भी नहीं किया कि आखिर प्रोजेक्ट में डेढ़-डेढ़ वर्ष का विलंब क्यों हो रहा है, विलंब का कारण क्या है और कब तक इसे पूरा किया जा सकता है? उनकी इसी उदासीनता के कारण ही अधिकारी और ठेकेदार ‘बिंदास’ हो गए और प्रोजेक्ट लेट पर लेट होता चला गया।
संडे तक पूरा काम होने की उम्मीद
आलम यह है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा दी गई ‘तारीख’ तक का पालन नहीं हो सका। पूर्व नगरसेवकों की गलती का ही नतीजा है कि एक ओर जनता संकट का सामना कर रही है तो दूसरी ओर बड़े नेताओं को आचोलना का शिकार होना पड़ रहा है। यह अलग बात है कि प्रेशर बढ़ने के बाद कार्यों में तेजी लाई गई है। अब फ्लाईओवर तैयार होने में महज कुछ कार्य ही शेष रह गए हैं। उम्मीद की जा रही है कि संडे तक संपूर्ण कार्य को पूर्ण कर लिया जाएगा। प्रोजेक्ट संडे तक पूर्ण होता भी है या नहीं यह तो वक्त ही बताएगा परंतु जनता को इंतजार ही करना होगा।
सम्बंधित ख़बरें
बारिश में डूबा नागपुर का ‘रामजी श्यामजी पोहावाला’! दुकान का बुरा हाल, देखें Ground Report
राज्यसभा में तिरंगे को लेकर संजय सिंह का बड़ा हमला; RSS पर लगाए ऐसे गंभीर आरोप कि मच गया हड़कंप, देखें VIDEO
नागपुर की बदहाली पर कोई सवाल न उठाए नहीं तो… रोहित पवार का तंज, बोले- लगेगा भाड़े के टट्टू का टैग
436 लोगों की जान लेने वाली चंपावत बाघिन की खौफनाक कहानी, विश्व बाघ दिवस पर जानिए पुरा सच
यह भी पढ़ें – कुणबी समाज के लिए बावनकुले ने दिए निर्देश, बोले- गलत काम के लिए फोन नहीं करते ‘दादा’
प्लानिंग में घोर कमी है
नागपुर में एक के बाद एक प्रोजेक्ट आ रहे हैं लेकिन जनता की इच्छाओं और सिटी के लिहाज से उनकी उपयोगिता के बारे में ध्यान नहीं रखा जा रहा है। प्लानिंग स्टेज से ही घोर उपेक्षा दिख रही है। प्लानिंग फेल होने से इसका एग्जीक्यूशन भी लेट हो जाता है और फिर जनता की आफत हो जाती है। पैसों की बर्बादी होती है और लोग हताश होने लगते हैं।
आरटीओ फ्लाईओवर को लेकर भी कुछ ऐेसा कहा जा सकता है। अभी भी लोग फ्लाईओवर की बात कर रहे हैं लेकिन नीचे के मार्गों पर और अंदरूनी गलियों में जो लोगों को परेशानियां हो रही हैं उसकी ओर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। न तो कभी अधिकारियों और न ही कभी ठेकेदारों पर कार्रवाई हो रही है। यही कारण है कि वे बेखौफ होकर कार्य कर रहे हैं।
– नरेंद्र जिचकार
