

Nagpur Private Bus Pickup Ban: नागपुर शहर में निजी ट्रैवल्स बसों के लिए सड़क किनारे पिक एंड ड्रॉप पर प्रतिबंध के बावजूद नियमों का उल्लंघन जारी है। ट्रैवल्स संचालक और चालक विभिन्न स्थानों पर बसें खड़ी कर यात्रियों को चढ़ाने-उतारने से बाज नहीं आ रहे हैं। इसे देखते हुए यातायात पुलिस ने एक बार फिर अभियान तेज कर दिया है।
इसी अभियान के तहत गणेशपेठ थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए चार निजी ट्रैवल्स बस चालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, जबकि यात्रियों को सड़क पर बैठाने के मामले में साई कृपा ट्रैवल्स की एक बस जब्त कर ली गई।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान साई कृपा ट्रैवल्स के चालक संदीप कुवरलाल वरखड़े (32), हिंदुस्तान ट्रैवल्स के चालक चंद्रशेखर मुदलियार (37), सुयोग ट्रैवल्स के चालक पवन संजय कपाट (27) और हिंदुस्तान ट्रैवल्स के चालक हेमंत चंद्रशेखर मुदलियार (37) के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, हिंदुस्तान ट्रैवल्स की बस क्रमांक MH-31-FC-8161 को शाम करीब 7.15 बजे ट्रैवल्स कार्यालय के सामने नागपुर-हैदराबाद मार्ग के यात्रियों को सड़क पर चढ़ाते-उतारते पाया गया।
इसी तरह धनश्री ट्रैवल्स की बस क्रमांक MH-40-N-7989 गणेशपेठ स्थित कार्यालय के सामने सड़क पर यात्रियों का पिक एंड ड्रॉप करते मिली।
साई कृपा ट्रैवल्स की बस क्रमांक MH-40-AT-0165 जाधव चौक परिसर में बिना अनुमति यात्रियों को बैठाते हुए पकड़ी गई। वहीं सुयोग ट्रैवल्स की बस क्रमांक MH-49-AT-8178 भी इसी चौक पर यातायात में बाधा उत्पन्न करते हुए यात्रियों को बैठा रही थी।
यातायात पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वाली साई कृपा ट्रैवल्स की बस को जब्त कर लिया। पुलिस का कहना है कि सड़क किनारे निजी बसों द्वारा यात्रियों को चढ़ाने-उतारने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के साथ जाम और दुर्घटना का खतरा भी बढ़ता है।
यह कार्रवाई कॉटन मार्केट यातायात जोन के पीएसआई संजय पाटणकर, भास्कर रोकड़े और श्रीकृष्ण इवनाते की टीम ने की।
नागपुर शहर में निजी ट्रैवल्स बसों के लिए निर्धारित स्थानों के बजाय सड़क किनारे यात्रियों को चढ़ाने-उतारने की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। यातायात पुलिस की कार्रवाई के बावजूद यदि बस चालक नियमों की अनदेखी करते हैं तो इससे शहर के व्यस्त इलाकों में यातायात व्यवस्था पर सीधा असर पड़ता है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सड़क पर अवैध पिक एंड ड्रॉप करने वाले निजी ट्रैवल्स संचालकों और चालकों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।