आसमान से आग, नीचे बिजली की मार, नागपुर में 45 डिग्री की ओर बढ़ता पारा और महावितरण की नौटंकी
Power Cut Nagpur: नागपुर में पारा 43.2 डिग्री के पार, महावितरण की लापरवाही से दक्षिण और उत्तर नागपुर में बिजली गुल। 26 अप्रैल को 45 डिग्री तापमान और हीटवेव की चेतावनी।
- Written By: गोरक्ष पोफली
पावर कट की प्रतीकात्मक फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Electricity News: उपराजधानी में सूर्यदेव के साथ-साथ महावितरण ने भी नागरिकों की परीक्षा लेना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री के गृह नगर नागपुर में बिजली की ‘आंखमिचौली’ ने जनता का जीना मुहाल कर दिया है। एक तरफ आसमान से आग बरस रही है, वहीं दूसरी ओर बार-बार गुल होती बिजली ने कूलर और एसी को शो-पीस बना दिया है। ताज्जुब की बात यह है कि मेंटेनेंस के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद सिस्टम पूरी तरह चरमरा गया है।
उत्तर और दक्षिण नागपुर: नरक बनी रातें
शहर का कोई भी कोना बिजली कटौती से अछूता नहीं है, लेकिन उत्तर और दक्षिण नागपुर की स्थिति सबसे दयनीय थी (Power Cut Nagpur)। बेसा-बेलतरोड़ी और मनीष नगर इन इलाकों में दिन भर में 4 से 5 बार बिजली जाना आम बात हो गई है। मंगलवार और बुधवार की रात नागरिकों के लिए किसी दुःस्वप्न जैसी रही।
केबल जलने और जम्पर खराब होने के कारण लोग रात डेढ़ बजे तक बालकनी और छतों पर टहलने को मजबूर रहे। महावितरण सुबह 8 से 12 बजे तक मेंटेनेंस के नाम पर बिजली काटता है, लेकिन उसके बाद भरी दोपहर और आधी रात को होने वाली अघोषित कटौती ने नागरिकों का धैर्य जवाब दे दिया है।
सम्बंधित ख़बरें
Nashik News: कावनई में गंगा-गोदावरी पूजन, सिंहस्थ से पहले कपिलधारा के विकास को गति
दिल्ली जाने की अटकलों पर CM देवेंद्र की दो टूक, कहा- मैं मुंबई और महाराष्ट्र में ही रहूंगा
आषाढ़ी वारी: पहली बार एयर एम्बुलेंस की सुविधा, ‘आरोग्यसंपन्न वारी’ ऐप से 1.08 लाख श्रद्धालुओं ने उठाया लाभ
Thane News: बदलापुर के कालू झरने में बड़ा हादसा, तेज बहाव में बहने से दो युवकों की मौत
43.2 डिग्री तापमान और 26 को ‘हीटवेव’ की चेतावनी
मौसम विभाग (IMD) के आंकड़े डराने वाले हैं। गुरुवार को नागपुर का अधिकतम तापमान 43.2°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.9 डिग्री अधिक है। विभाग ने 26 अप्रैल को भीषण हीटवेव (लू) की चेतावनी जारी की है, जिसमें पारा 45°C को पार कर सकता है। भीषण गर्मी को देखते हुए डॉक्टरों ने नागरिकों को दोपहर में बाहर न निकलने, अधिक पानी पीने और बाहर निकलते समय चेहरा ढंकने की सलाह दी है।
यह भी पढ़ें: पूर्व सैनिक और वकील को हथकड़ी पहनाना पड़ा भारी, महाराष्ट्र सरकार देगी मुआवजा, बाॅम्बे हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
खोखले साबित हो रहे सुधार के दावे
नागरिकों का सवाल है कि यदि हर दिन घंटों मेंटेनेंस किया जा रहा है, तो फिर केबल क्यों जल रहे हैं और फीडर क्यों ठप हो रहे हैं? महालक्ष्मी नगर, सच्चिदानंद नगर और अंबिका नगर जैसी बस्तियों में तो सुबह-सुबह ही बिजली गुल हो रही है। प्रशासन की ओर से ‘स्मार्ट’ बिजली के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि हल्की सी गर्मी बढ़ते ही ट्रांसफार्मर लोड नहीं झेल पा रहे हैं।
