नागपुर में प्रदूषण पर सख्ती, बिना शुद्धिकरण नदी में छोड़ा जा रहा गंदा पानी; दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश
Nagpur River Pollution News: नागपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते प्रदूषण को लेकर शिकायतें तेज हैं। जहरीले पानी और बिना शुद्धिकरण छोड़े जा रहे गंदे पानी पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर प्रदूषण, मंत्री चंद्रेशखर बावनकुले,(सोर्स: नवभारत फाईल फोटो)
Nagpur Pollution Control Board: नागपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों सहित नागपुर शहर में प्रदूषण को लेकर किसानों और नागरिकों की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। विकास के लिए ताप विद्युत परियोजनाओं का योगदान आवश्यक है लेकिन उनसे होने वाले प्रदूषण की अनदेखी नहीं की जा सकती। जिन क्षेत्रों में विद्युत प्रकल्प नहीं हैं वहां पेपर मिल और अन्य केमिकल कंपनियों के जहरीले पानी से नदियां और नाले प्रदूषित हो रहे हैं।
वहीं नागपुर तथा आसपास की नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों का गंदा पानी बिना शुद्धिकरण के सीधे नाग, पीली, कन्हान और कोलार नदियों में छोड़ा जा रहा है, पालक मंत्री चंद्रेशखर बावनकुले ने प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों को दोषियों पर सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जिले के लगभग 42 गांव प्रदूषण से प्रभावित हैं और इसकी जिम्मेदारी सरकार को स्वीकार करनी होगी।
प्रदूषण नियंत्रण मंडल को अपने अधिकारों का सख्ती से उपयोग करते हुए दोषी कंपनियों और संस्थाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। यदि सरकारी विभाग या स्थानीय स्वराज संस्थाएं भी जिम्मेदार पाई जाती हैं तो उन्हें नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाए, नियोजन भवन में आयोजित बैठक में सांसद श्यामकुमार बर्वे, विधायक चरण सिंह ठाकुर, मनपा आयुक्त विपिन इटनकर, जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद, जेडपी सीईओ विनायक महामुनि, एनएमआरडीए के अतिरिक्त आयुक्त सचिन पाटिल, अधीक्षक अभियंता अब्दुल आवेद, प्रदूषण नियंत्रण मंडल की वरिष्ठ अधिकारी हेमा देशपांडे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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बैठक में सोना एग्रो कंपनी नगरधन क्षेत्र में राख, काला धुआं और दूषित पानी तथा हेटी एमआईडीसी क्षेत्र में पेपर मिलों से होने वाले प्रदूषण जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि इस कार्य का दायरा बहुत बड़ा है और इसके लिए जनजागरण आवश्यक है, भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए एक स्वतंत्र फाउंडेशन बनाने की आवश्यकता होगी।
नदी-नाला गहरीकरण जनभागीदारी पर जोर
मुख्यमंत्री देवेन्द्र में फडणवीस ने जल संवर्धन, नाला गहरीकरण, गादमुक्त तालाब और गादयुक्त शिवार योजनाओं पर विशेष जोर दिया है। इसके तहत जिला परिषद, मृदा एवं जल संवर्धन विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के साथ एनएमआरडीए ने अपने क्षेत्र के 73 गांवों की जिम्मेदारी ली है। इनमें 105 नदी-नालों का समावेश है जिनकी कुल लंबाई 162 किलोमीटर है। पालक मंत्री ने कहा कि ‘नाम फाउंडेशन’ जैसी सामाजिक संस्थाएं भी इस कार्य में सहयोग कर रही हैं।
…तो बैंकों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई
अल नीनों की संभावित परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने किसानों की समय पर सहायता देने की नीति बनाई है। बुआई के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए बैंकों को फसल ऋण वितरण का लक्ष्य दिया गया है। पालक मंत्री ने कहा कि यदि बैंक जानबूझकर लापरवाही करेंगे या टालमटोल करेंगे तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
