नागपुर: 75 हजार आवेदन, 5 हजार को ही घर! विकास ठाकरे ने उठाए पीएम आवास योजना पर सवाल; कार्रवाई की मांग
Nagpur PM Awas Yojana: कांग्रेस विधायक विकास ठाकरे ने नागपुर में पीएम आवास योजना के तहत NIT और म्हाडा के कार्यों में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए विधानसभा में गहन जांच की मांग की।
- Written By: अंकिता पटेल
पीएम आवास योजना, विकास ठाकरे,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur PM Awas Yojana Irregularities: नागपुर कांग्रेस विधायक विकास ठाकरे ने नागपुर शहर व जिले में पीएम आवास योजना के तहत एनआईटी और म्हाडा द्वारा किए गए कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं होने का आरोप लगाते हुए गहन जांच कराने की मांग की है। विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन ठाकरे ने इस मुद्दे को सदन में उठाया।
उन्होंने बताया कि नागपुर में वर्ष 2016 में शुरू हुई इस योजना के लिए 75 हजार से अधिक लोगों ने आवेदन किया था, लेकिन पिछले 10 वर्षों में 5 हजार से भी कम लाभार्थियों को आवास मिल पाया।
उन्होंने तरोडी (खुर्द) स्थित लगभग 3,500 फ्लैटों के आवासीय प्रकल्प में घटिया सड़कें, पानी का लीकेज, पेयजल आपूर्ति का अभाव, अधूरी मूलभूत सुविधाएं तथा रखरखाव शुल्क में अनियमितताओं के आरोप लगाए। इस मामले में अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की।
सम्बंधित ख़बरें
मुंबई मेट्रो वन को बड़ी राहत: 2,771 रुपए करोड़ के कर्ज पुनर्गठन समझौते से खत्म होगा वित्तीय संकट
Gadchiroli News: गड़चिरोली के कुनघाड़ा में नेटवर्क संकट, कॉल और इंटरनेट सेवा प्रभावित
नागपुर की ‘आपली बस’ ने पार किया 700 बसों का आंकड़ा, रोज 8 हजार ट्रिप और 2 लाख यात्रियों का सफर
Mumbai Metro Line : महा मुंबई मेट्रो ने बनाया नया रिकॉर्ड, 9 जुलाई को 3.65 लाख यात्रियों ने किया सफर
नियमों के उल्लंघन का आरोप
ठाकरे ने आरोप लगाया कि वानाडोंगरी स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना प्रकल्प में भी नियमों का उल्लंघन किया गया। उन्होंने दावा किया कि आवश्यक सड़क, अग्निशमन विभाग की मंजूरी और अन्य अनिवार्य अनुमतियों के बिना ही निर्माण कार्य को अनुमति दे दी गई। उन्होंने इस मामले में संबंधित बिल्डर और म्हाडा के अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर पूरी जांच कराने की मांग की।
उन्होंने बताया कि मिलेनियम डेवलपर्स एंड प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड ने मई 2015 में तहसील हिंगना के मौजा वानाडोंगरी स्थित खसरा क्रमांक 380 और 381 की जमीन खरीदी थी। उस समय वानाडोंगरी ग्राम पंचायत क्षेत्र में था और एनएमआरडीए के अधिकार क्षेत्र में आता था। उसी वर्ष डीपीआर में बिल्डर की जमीन से सटी 18 मीटर चौड़ी सड़क प्रस्तावित थी।
वर्ष 2016 में वानाडोंगरी ग्राम पंचायत को नगर परिषद का दर्जा मिलने के बाद यह क्षेत्र एनएमआरडीए के अधिकार क्षेत्र से बाहर हो गया। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों से वानाडोंगरी नगर परिषद का डेवलपमेंट प्लान तैयार नहीं किया गया है। इस कारण वर्ष 2016 से अब तक केवल क्षेत्रीय विकास योजना ही लागू है, जिसमें बिल्डर की जमीन तक जाने वाली कोई सड़क दर्शाई ही नहीं गई है।
यह भी पढ़ें:-नागपुर की ‘आपली बस’ ने पार किया 700 बसों का आंकड़ा, रोज 8 हजार ट्रिप और 2 लाख यात्रियों का सफर
पुनर्वास किये बिना तोड़ दिये मकान
ठाकरे ने पश्चिम नागपुर के राजनगर और संत ज्ञानेश्वर नगर की अधिसूचित झुग्गी बस्तियों का मुद्दा भी उठाया, उन्होंने कहा कि इन बस्तियों के निवासियों का पुनर्वास किए बिना ही उनके मकान तोड़ दिए गए, जिससे अनेक परिवार बेघर हो गए। उन्होंने मांग की कि इन बेघर नागरिकों का प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित फ्लैटों में तत्काल पुनर्वास किया जाए।
