पिछले साल घाटा, इस बार मुनाफा…हीटवेव ने बढ़ाई कूलर की मांग, नागपुर में स्टॉक लगभग खत्म

Nagpur Cooler Business: नागपुर में भीषण गर्मी और लंबे हीटवेव के चलते पारंपरिक लोहे के कूलर की मांग बढ़ गई है। बढ़ती बिक्री से बाजार का लगभग पूरा स्टॉक खत्म हो चुका है।
Losses last year, profits this time... Heatwave boosts demand for coolers; stocks in Nagpur nearly depleted.
नागपुर बाजार, कूलर कारोबार, (सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
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Nagpur Heatwave Demand: गर्मी बढ़ते ही इस बार नागपुर का पारंपरिक लोहे के कूलर का कारोबार जमकर चमका। पिछले साल समय से पहले हुई बारिश और ठंडे मौसम के कारण नुकसान झेलने वाले व्यापारियों के चेहरे इस सीजन में खिल उठे हैं। भीषण गर्मी, लंबे हीटवेव दौर और शादियों के सीजन ने कूलर बाजार को ऐसी रफ्तार दी कि मार्केट का लगभग पूरा स्टॉक खत्म हो गया।

कूलर व्यवसायियों के अनुसार चिलचिलाती गर्मी के बीच अब भी कूलर का बाजार जोरों पर है। हालांकि सीजन को ध्यान में रखते हुए बनाए गए कूलर का स्टॉक लगभग खत्म हो चुका है। व्यापारियों के अनुसार इस बार बाजार में पुराने स्टॉक से लेकर नया माल तक पूरी तरह क्लियर हो गया। पिछले वर्ष बारिश जल्दी आने से हजारों कूलर गोदामों में फंस गए थे लेकिन इस बार स्थिति पूरी तरह उलट रही।

करीब ढाई लाख कूलर की मैन्युफैक्चरिंग हुई

व्यापारियों को समय पर भुगतान मिता और माल डंप नहीं होने से कारोबार में अच्छा मुनाफा हुआ। व्यापारियों के अनुसार नागपुर में बनने वाले मजबूत और टिकाऊ लोहे के कूलर अब केवल विदर्भतक सीमित नहीं रहे बल्कि नागपुरी कूलर के नाम से देश के कई राज्यों में अपनी पहचान बना चुके हैं। महाराष्ट्र में नागपुर के अलावा बडनेर, अमरावती, रुद्र, खामगाव, चंद्रपुर, यवतमाल, पुसद, दिवस और दारव्हा, नाशिक, अकोला, नांदेड, पुलिया, वर्षा, गढ़चिरोली, लातूर, सोलापुर, कोलापुर, छत्रपति संभाजीनगर सहित पूरे महाराष्ट्र के अलावा तेलंगाना, आध प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और गुजरात तक नागपुर के कूला की भरी मांग है। इस सीजन करीब ढाई लाख कूलर की नागपुर में मैन्युफैक्चरिंग की गई है। लगभग स्टॉक खत्म हो चुका है।

तेलंगाना, गुजरात तक रही मांग

कूलर का व्यवसाय भी भी मौराम पर निर्भर है। पिछले वर्ष समय से पहले हुई बारिश ने कारोबार को बहुत नुकसान पहुंचाया था। बड़े पैमाने पर माल उप हुआ था लेकिन इस बार गर्मी ने व्यवसाय को अच्छा मुनाफा दिया है। इस बार करीब ढाई लाख कूलर की मैन्यूफैक्चरिंग हुई है। स्टॉक लगभग खत्म हो चुका है। नामपुर में बने कूलर की मांग तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, गुजरात तक रही। -कूलर व्यवसायी, मनीष नैनवानी

मैन्युफैक्चरिंग बढ़ी, स्टॉक खत्म

पिछले साल मौसम से पहले बरसात होने से मौसम ठंडा था। इसका असर कूलर व्यवसाय पर पड़ा था। करीब 60 प्रतिशत माल नहीं विका था। इससे कूलर व्यावसायियों की भारी नुक्सान हुआ था लेकिन इस बार का सौजन अब तक का बेस्ट रहा है। गर्मी के अलावा शादी का सीजन मिला जिससे मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने के बावजूद मॉल का स्टॉक लगभग खत्म हो गया है। माग ज्यादा होने से इस चार मार्केट में ऐसा भी नहीं फंसा, इससे व्यापारियों को राहत मिली।

-कूलर व्यवसायी, हाजी अलीमुद्दीन अंसारी

महंगाई का असर नहीं, कायम रही मांग

व्याधारियों के अनुसार बाजार में कच्चे माल की कीमतें बढ़ने से इस बार कूलरों के दामों में हल्की बढ़ोतरी जरूर हुई है लेकिन भरी गर्मी के चलते कूलर की मांग पर कोई असर नहीं पड़ा, बाजार में 2 फीट के छोटे लोहे के कूलर की शुरुआती कीमत लगभग 1600 रुपए रही इस रेंज से लेकर बड़े और कस्टमाइज्ड 7-8 हजार रुपए तक की कीमत के कूलर की खूब मांग रही, व्याधारियों वके मुताबिक गमर्मी के साथ-साथ विवाह समारोहों ने भी बाजार को मजबूती दी। शादी के उपहार के रूप में कूलर की मांग से मिला।

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