नागपुर पेंच-ताडोबा में सफारी का क्रेज: जेब पर भारी पड़ रहा प्रकृति का आनंद, 35 हजार के पार रिसॉर्ट्स का किराया
Nagpur Jungle Resort: नागपुर के आसपास पेंच और ताडोबा जैसे टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की भीड़ बढ़ गई है। जंगल रिसॉर्ट महंगे होने के बावजूद वन्यजीव पर्यटन का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर, जंगल सफारी, पेंच, ताडोबा, पर्यटन,प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सौजन्य AI)
Nagpur Jungle Safari Pench Tiger Reserve: नागपुर जिले में इस सीजन जंगलों में पर्यटकों की बाढ़ सी आ गई है। जंगल सफारियां समेत जंगल रिसॉर्ट भी खचाखच फुल चल रहे हैं। वन्यजीवों के दर्शन और प्रकृति की आनंद लेने के लिए पेंच टाइगर रिजर्व, ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व समेत अन्य बाघ अभयारण्यों में पर्यटक अपने परिवार और दोस्तों के साथ पहुंच रहे हैं।
ऐसे में जंगल रिसॉर्ट संचालकों की चांदी हो रही है। वहीं जंगल रिसॉर्ट के दाम पर्यटकों की जेब पर सेंध लगा रहे हैं। ‘एंड ऑफ सीजन जंगल सफारी’ के पहले जंगल रिसॉर्ट का किराया आसमान छू रहा है। मात्र 2 लोगों को 1 दिन की बुकिंग के लिए हजारों रुपये खर्च करना पड़ रहा है।
बता दें कि जंगल रिसॉर्ट का किराया 2,000 से शुरू होकर 35,000 और उसके ऊपर तक पहुंच गया है। आसमान छू रहे जंगल रिसॉर्ट किराये के बावजूद पर्यटकों का आकर्षण वन्यजीवों और जंगल के प्रति बढ़ा हुआ है।
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मोबाइल बैन ने खट्टा किया मन
ज्ञात हो कि बीते वर्षों गोठनगांव गैट से जंगल सफारी के दौरान एक-2 बाधिन और उसके शावकों का रास्ता रोकने का मुद्दा गरमाया था। यह मुद्दा हाई कोर्ट तक पहुंचा था। इस संबंध में वन विभाग ने सख्त एक्शन लेते हुए सफारी में मोबाइल के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया। इस कारण फोटोग्राफी के लिए केवल कैमरा ले जाने की अनुमति है। सफारी में मोबाइल नहीं ले जा पाने के कारण पर्यटकों के मन खट्टे हो रहे हैं।
30 से कोर में नहीं घूमेंगी जिप्सियां
मानसून दस्तक देने को है। मानसून के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा और मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति रोकने के मद्देनजर कोर क्षेत्रों में सफारी रद्द कर दी जाती है। इस संबंध में वन विभाग की ओर से भी आदेश जारी कर दिए गए है। बता दें कि टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्रों में 30 जून से जंगल सफारी रद्द कर दी जाएगी, मानसून खत्म होने तक केवल बकर क्षेत्रों में ही जिप्सियां संचालित होंगी।
85,000 से अधिक पर्यटक पहुंचे
बता दें कि जल्द ही कोर क्षेत्रों में जंगल सफारी रद्द कर दी जाएगी। ऐसे में सफारी बंद होने से पहले जंगल सफारी और रिसॉर्ट की बुकिंग हाउसफुल चल रही है, घने जंगलों, वन्यजीचों और कैपिंग का लुत्फ उठाने इस सीजन (अक्टूबर से मई तक) पेंच और ताडोबा में 85,000 से अधिक पर्यटकों ने सफारी का आनंद लिया।
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अन्य राज्यों से आए हजारों पर्यटकों ने जंगल रिसॉर्ट की बुकिंग की। बाघों की संख्या में बढ़ोतरी के कारण मादा बाधिन के साथ घूमते शावक पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
-नवभारत लाइव के लिए नागपुर से अभिषेक सिंह की रिपोर्ट
