नागपुर अस्पताल में मरीज की मौत पर बवाल, परिजनों ने की तोड़फोड़, डॉक्टर को पुलिस ने निकाला बाहर

Nagpur Hospital News: नागपुर में मरीज की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में तोड़फोड़ और हंगामा किया। डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया, जबकि अस्पताल प्रबंधन ने उचित उपचार की बात कही।
Nagpur Hospital Vandalism
ए-स्क्वेयर अस्पताल के पास इकट्ठा लोग प्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: AI
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Nagpur Hospital Vandalism: हार्ट अटैक आने के बाद एक मरीज को नागपुर अवस्थीनगर चौक के समीप ए-स्क्वेयर अस्पताल में भर्ती किया गया था। उपचार के दौरान मरीज की मौत हो गई। इस घटना से गुस्साए परिजनों ने बुधवार को अस्पताल में घुसकर तोड़फोड़ की।

अस्पताल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। तनाव की जानकारी मिलते ही मानकापुर पुलिस मौके पर पहुंची। किसी तरह लोगों को समझाकर डॉक्टर को सुरक्षित अस्पताल के बाहर ले जाया गया।

जानकारी के अनुसार

जाफरनगर निवासी मोहसीन खान (38) को बीते रविवार को सीने में दर्द होने लगा। हालत खराब होती देख परिजन उन्हें उपचार के लिए अवस्थीनगर चौक के ए-स्क्वेयर अस्पताल में ले गए। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. इरशाद पठान की देखरेख में उनका उपचार चल रहा था।

इसी दौरान हार्ट अटैक आने से उनकी मौत हो गई। मोहसीन की मौत से उनके परिजन और रिश्तेदारों ने रोष फैल गया। उनका कहना था कि डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण मोहसीन की मौत हुई।

बुधवार की शाम बड़ी संख्या में नागरिक

कई घंटे तक डॉक्टर ने उपचार के लिए कोई व्यवस्था नहीं की। समय पर उचित इलाज नहीं मिलने की वजह से मोहसीन की मौत हो गई। बुधवार की शाम बड़ी संख्या में गुस्साए नागरिक अस्पताल पहुंचे। परिसर में जमकर तोड़फोड़ की। इसके बाद लोग डॉक्टर को भी मारने पर उतारू थे।

तनाव की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। तब भी गुस्साए लोग अस्पताल के बाहर नारेबाजी कर रहे थे। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने डॉ. इरशाद को बंदोबस्त के साथ अस्पताल के बाहर निकाला।

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मरीज का उचित उपचार

नागपुर अवस्थीनगर चौक के समीप ए-स्क्वेयर अस्पताल के डॉ. पठान ए-स्क्वेयर अस्पताल के संचालक डॉ. इरशाद पठान ने बताया कि मरीज को हृदय संबंधी परेशानी के चलते रविवार को अस्पताल लाया गया था। हार्ट के बायीं तरफ की मुख्य रक्तवाहिनी पूरी तरह बंद थी।

डॉ. शदमान अली ने मरीज का उचित उपचार और प्रबंधन किया लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। उस समय वे शहर में मौजूद नहीं थे। बुधवार को अचानक मरीज के परिजन अस्पताल पहुंचे और भीड़ के साथ डॉक्टर पर हमला करने और मारपीट करने की कोशिश की। उन्होंने अस्पताल की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया। संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।

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