

SJVN 38th Annual General Meeting power generation: नागपुर नवरत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम CPSE एसजेवीएन लिमिटेड की 38वीं वार्षिक आम बैठक शिमला स्थित कॉरपोरेट मुख्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यमों के जरिए आयोजित की गई।
बैठक में कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता ने शेयरधारकों को संबोधित किया और वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी के प्रदर्शन, वित्तीय उपलब्धियों तथा भविष्य की रणनीति की जानकारी दी। बैठक के दौरान कंपनी की प्रचालन क्षमता, नई परियोजनाओं की प्रगति और बिजली उत्पादन से जुड़े आंकड़े प्रमुखता से सामने रखे गए।
भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 एसजेवीएन के लिए कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों वाला वर्ष रहा। इस अवधि में कंपनी ने न केवल बिजली उत्पादन का नया रिकॉर्ड बनाया, बल्कि अपनी स्थापित विद्युत क्षमता में भी उल्लेखनीय इजाफा किया।
भूपेंद्र गुप्ता के अनुसार, एसजेवीएन और उसकी अधीनस्थ कंपनियों ने वित्त वर्ष के दौरान कुल 1,730 मेगावाट की स्थापित क्षमता जोड़ी। कंपनी के सभी प्रचालनरत विद्युत स्टेशनों से कुल 13,302.390 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ। यह एसजेवीएन का अब तक का सर्वाधिक वार्षिक विद्युत उत्पादन है।
उन्होंने कहा कि कंपनी लगातार अपनी परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर काम कर रही है। नई क्षमता के जुड़ने से कंपनी के ऊर्जा पोर्टफोलियो को मजबूती मिली है और भविष्य में बिजली उत्पादन बढ़ाने की संभावनाएं भी मजबूत हुई हैं।
एसजेवीएन के 1,500 मेगावाट क्षमता वाले नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन ने भी वित्त वर्ष 2025-26 में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। स्टेशन ने अपनी कमीशनिंग के बाद से कुल 150 बिलियन यूनिट बिजली उत्पादन का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है।
नागपुर नवरत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र में कंपनी के अनुसार, नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन ने 96.84 प्रतिशत का प्रभावी संयंत्र उपलब्धता फैक्टर हासिल किया। यह उपलब्धि स्टेशन की प्रचालन क्षमता और दक्षता को दर्शाती है। एसजेवीएन के लिए यह परियोजना लंबे समय से उसके प्रमुख विद्युत उत्पादन केंद्रों में शामिल रही है।
कंपनी प्रबंधन ने बैठक में भविष्य की ऊर्जा रणनीति पर भी प्रकाश डाला। भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि एसजेवीएन भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा क्षमता के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि भारत के वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य में योगदान देने के लिए एसजेवीएन सौर, पवन और जलविद्युत जैसे क्षेत्रों में अपनी परियोजनाओं का विस्तार कर रहा है। कंपनी का लक्ष्य वर्ष 2070 तक भारत के नेट-जीरो उत्सर्जन लक्ष्य में भी प्रभावी योगदान देना है।
SJVN लिमिटेड की 38वीं वार्षिक आम बैठक में निदेशक (कार्मिक) अजय कुमार शर्मा, निदेशक वित्त पार्थजीत डे, निदेशक परियोजना राजेश कुमार चंदेल, विद्युत मंत्रालय के अपर सचिव एवं भारत सरकार के नामित निदेशक दिवाकर नाथ मिश्रा, स्वतंत्र निदेशक आरती कुजूर, भारत के राष्ट्रपति के प्रतिनिधि निदेशक हाइड्रो विद्युत मंत्रालय संतोष कुमार, हिमाचल प्रदेश सरकार के संयुक्त सचिव एमपीपी एवं पावर तथा राज्यपाल के प्रतिनिधि रमन घरसंधी और कंपनी सचिव सौमेंद्र दास सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।