नागपुर यूनिवर्सिटी ने देशपांडे सभागृह में किया पद्मश्री विजेताओं का सत्कार; कुलगुरु सहित कई गणमान्य रहे मौजूद
Nagpur Awardees Padma Shri: पूर्व मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई ने कहा समाज को पद्मश्री सम्मानितों के कार्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए। नागपुर विश्वविद्यालय ने विदर्भ की 10 पद्मश्री विभूतियों का अभिनंदन किया।
- Written By: अंकिता पटेल
भूषण गवई, पद्मश्री सम्मान, नागपुर विश्वविद्यालय, (सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
RTM Nagpur University: भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति भूषण गवई ने कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने कहा था कि जो व्यक्ति अपने उत्कृष्ट विचारों के माध्यम से त्याग और समर्पण द्वारा समाज की सेवा करता है, वही महान है। पद्मश्री सम्मानित नागरिकों के कार्य महान हैं। समाज में सभी को पद्मश्री सम्मानितों के कार्यों से प्रेरणा लेना चाहिए।
वे रविवार को राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय की ओर से डॉ. वसंतराव देशपांडे सभागृह में आयोजित पद्मश्री सम्मानित महानुभावों के अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर कुलगुरु डॉ. मनाली क्षीरसागर, प्र-कुलगुरु डॉ.अखिलेश पेशवे, कुलसचिव डॉ. राजू हिवसे, अधिसभा सदस्य तथा सत्कार समिति के अध्यक्ष डॉ. मनमोहन वाजपेयी समेत अन्य उपस्थित थे।
न्यायमूर्ति गवई ने कहा कि विदर्भ की 10 विभूतियों ने अपने असाधारण योगदान से देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त कर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। नागपुर विश्वविद्यालय ने उनका अभिनंदन कर उनके प्रेरणादायी कार्यों को पुनः समाज के सामने लाने का सराहनीय प्रयास किया है। इन सभी सम्मानित व्यक्तित्वों ने स्वास्थ्य, कला और समाजसेवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देकर संविधान की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया है।
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इन विभूतियों का सत्कार
समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विदर्भ के पद्मश्री सम्मानित व्यक्त्तित्वों का अभिनंदन किया गया। इनमें डॉ. रवींद्र कोल्हे, डॉ. स्मिता कोल्हे, डॉ. चंद्रशेखर मेश्राम, डॉ. विलास डांगरे, डॉ. परशुराम खुणे जनार्दन बोथे शामिल थे।
पद्मश्री डॉ. शंकरबाबा पापलकर की ओर से उनकी मानस पुत्री गांधारी ने सम्मान ग्रहण किया। सत्यनारायण नुवाल की अनुपस्थिति में उनके नाती हर्ष नुवाल ने सम्मान प्राप्त किया। डॉ. धनंजय सगदेव की ओर से उनके भाई विंग कमांडर विनय सगदेव ने सम्मान ग्रहण किया। डॉ. नामदेव कांबले स्वास्थ्य कारणों से समारोह में शामिल नहीं हो सके।
विभूतियों के कार्य नई पीढ़ी तक पहुंचे : क्षीरसागर
कुलगुरु डॉ. मनाली क्षीरसागर ने कहा कि जिन विभूतियों का आज अभिनंदन किया गया, उन्होंने जीवन भर अपने संकल्प और सेवा के मार्ग पर अडिग रहकर समाज के लिए प्रेरणादायी कार्य किए हैं।
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नई पीढ़ी उनके जीवन संघर्ष और योगदान से प्रेरणा ले, इसी उद्देश्य से विश्वविद्यालय ने इस सम्मान समारोह का आयोजन किया है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान करना नहीं बल्कि उन्हें जीवन का सही मार्ग और लक्ष्य भी दिखाना है, ताकि वे भी इन विभूतियों की तरह अपने जीवन का उद्देश्य प्राप्त कर सकें।
