नरभक्षी बाघिन टी-27 आखिरकार पिंजरे में कैद भंडारा में 3 महीने से मची दहशत का हुआ अंत
Man-Eater Tigress: भंडारा के साकोली में तीन महीने से दहशत मचा रही नरभक्षी बाघिन टी-27 को वन विभाग ने उमरझरी क्षेत्र में पिंजरे में कैद कर लिया, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
- Written By: अनन्या तिवारी
वन वीभाग ने टी-27 बाघिन को केप्चर किया जब वो शिकार करके सुस्ता रही थी। (फाइल फोटो, सोर्स-नवभारत)
Man-Eater Tigress T-27 Captured In Bhandara: भंडारा के साकोली तहसील के बाम्पेवाडा, उमरझरी और आमगांव खुर्द परिसर में पिछले 3 महीनों से अधिक समय से आतंक का पर्याय बनी और ग्रामीणों की नींद उड़ाने वाली लंगड़ी नरभक्षी बाघिन टी-27 को आखिरकार रविवार सुबह उमरझरी वन क्षेत्र से वन विभाग ने पिंजरे में कैद कर लिया। बाघिन के पकड़े जाने के बाद कई दिनों से भय और दहशत के साए में जी रहे क्षेत्र के ग्रामीणों ने आखिरकार राहत की सांस ली है।
मानवीय क्षेत्रों में लगातार हो रहे थे हमले
नरभक्षी बाघिन नवेगांव-नागझिरा बाघ अभयारण्य के अंतर्गत आने वाले पिटेझरी वन परिक्षेत्र के मानवीय इलाकों में लगातार हमले कर रही थी। इस बाघिन का आतंक 19 मार्च को वसंत मेश्राम पर हुए हमले से शुरू हुआ था, जो दिन-ब-दिन बढ़ता गया। इसके बाद 28 मार्च को माया सोनवाने और 1 अप्रैल को छाया मुंगमोडे पर हुए हमलों से पूरे परिसर में कोहराम मच गया था।
हाल ही में 24 जून को आमगांव निवासी हरिश्चंद्र मडावी पर हुए हमले के बाद इस बाघिन का खतरा और बढ़ गया था। इस बाघिन ने अब तक दो लोगों की जान ली थी, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए। मार्च महीने में ही दो लोगों की मौत के बाद वन विभाग ने इस बाघिन को पकड़ने के लिए कमर कस ली थी।
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वन विभाग का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन
इस खोजी अभियान में नवेगांव-नागझिरा टाइगर रिजर्व, गोंदिया और भंडारा वन विभाग की रैपिड रिस्पांस टीम, 100 से अधिक वन कर्मचारी, 4 शार्पशूटर और एसटीपीएफ के जवान दिन-रात तैनात थे। बाघिन का पता लगाने के लिए 50 से अधिक कैमरा ट्रैप, 10 लाइव कैमरे और 4 थर्मल ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। पिटेझरी के कक्ष क्रमांक 143 में मचान बनाकर उसे पकड़ने का जाल बिछाया गया, लेकिन पैर से जख्मी होने के बावजूद यह बाघिन बेहद सतर्क थी और पिछले तीन महीनों से वन विभाग को छका रही थी।
बाघिन की दहशत के चलते परिसर में रबी सीजन की फसलों की कटाई और खेती का काम पूरी तरह ठप्प हो गया था। मजदूर और महिलाएं खेतों में जाने से डर रहे थे, जिससे किसानों को फसलों के नुकसान की चिंता सता रही थी। जब बाघिन ने दोबारा हमला कर एक किसान को घायल किया, तो वन विभाग ने इस अभियान को और तेज कर दिया।
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आखिरकार गन्ने के खेत में फंसी बाघिन
रविवार सुबह उमरझरी परिसर के एक गन्ने के खेत में बकरी का शिकार करने के बाद बाघिन वहीं सुस्ता रही थी। इसकी जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम अलर्ट हो गई। नवेगांव-नागझिरा टाइगर रिजर्व, गोंदिया-भंडारा वन विभाग की रैपिड रिस्पांस टीम और एफडीसीएम के वन कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से जाल बिछाकर उसे सुरक्षित तरीके से पिंजरे में कैद कर लिया। सहायक वन संरक्षक सुहास कांबले ने बताया कि फिलहाल बाघिन की चिकित्सा जांच और आगे के पुनर्वास की प्रक्रिया चल रही है। बाघिन के पकड़े जाने से साकोली तहसील सहित पूरे भंडारा जिले ने बड़ी राहत महसूस की है।
