नागपुर मनपा में गाड़ियों को लेकर खींचतान, सत्ता पक्ष नेता बाल्या बोरकर ने लौटाई सरकारी कार; सभापति अड़े

Nagpur NMC News: नागपुर मनपा में जहां विषय समिति के सभापति नए और ठाठदार वाहनों की मांग कर रहे हैं, वहीं सत्ता पक्ष के नेता बाल्या बोरकर ने अपनी सरकारी गाड़ी प्रशासन को वापस सौंप दी है।
Amid demands for new luxury cars by committee chairmen in Nagpur NMC, ruling party leader Balya Borkar has returned his official government vehicle to the administration.
नेता बाल्या बोरकर (सोर्स - फोटो नवभारत)
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Nagpur Municipal Corporation: नागपुर महानगरपालिका इन दिनों कई मुद्दों को लेकर चर्चाओं में है। एक ओर जहां प्रत्येक सभापति अधिकारों की दुहाई देकर कार्यालय, कर्मचारी और वाहनों की डिमांड कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर मनपा के सत्ता पक्ष नेता बाल्या बोरकर ने सरकारी गाड़ी ही प्रशासन को लौटा दी। उल्लेखनीय है कि मनपा कानून के अनुसार भले ही विषय समिति के सभापतियों को वाहन आदि की सेवा का कोई नियम न हो लेकिन महापौर, उपमहापौर, सत्ता पक्ष नेता और विपक्ष नेता को वाहन, कार्यालय और अन्य सेवाएं मुहैया कराने का न्यायोचित प्रावधान है।

इसी के तहत मनपा के 4 वर्षों के बाद सत्ता स्थापित होते ही इन पदाधिकारियों को वाहन उपलब्ध कराया गया। हालांकि कुछ ही समय तक वाहन का उपयोग अभी शुरू भी नहीं हुआ था कि एमएलसी चुनावों को लेकर आचार संहित लगते ही फिर वाहन लौटाने पड़ गए थे। सभापतियों को चाहिए नए वाहन एक ओर जहां सत्ता पक्ष नेता बाल्या बोरकर द्वारा सरकारी वाहन लौटाया जा रहा है वहीं दूसरी ओर कुछ सभापतियों की ओर से उन्हें दिए गए पुराने वाहनों की शिकायत कर नए वाहनों की मांग की जा रही है।

इस संदर्भ में प्रशासन का मानना है कि सभी सभापतियों के लिए महानगरपालिका वाहन नहीं खरीद सकती है। यही कारण है कि वाहन उपलब्ध कराने के लिए किराये पर वाहन लिए गए। अब जिस कंपनी को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई, उनकी ओर से वाहन तो उपलब्ध कराए जा रहे हैं लेकिन सभापतियों को 'रौब वाले' वाहन चाहिए जिसके लिए प्रशासन पर दबाव बनाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार इसे लेकर मनपा में लंबे समय से खींचतान जारी है। इसी बीच अब सत्ता पक्ष नेता की ओर से वाहन वापस किए जाने से गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है।

केवल एक दिन वाहन का उपयोग

बताया जाता है कि 4 वर्षों के बाद नागपुर मनपा में सत्ता स्थापित होते ही प्रशासन की ओर से सर्वप्रथम महापौर और उपमहापौर को वाहन उपलब्ध कराए गए थे। यहां तक कि शुरुआत में मनपा आयुक्त का वाहन महापौर के लिए उपलब्ध कराया गया था जिसके बाद वित्तीय प्रावधानों के अनुसार नए वाहन खरीदे गए। बताया जाता है कि नए वाहन आने के बाद सत्ता पक्ष ने केवल एक दिन ही इस वाहन का उपयोग किया जिसके बाद आचार संहित लग गई।

आचार संहिता अभी खत्म ही हुई कि वाहन लौटा भी दिया। गुरुवार को बोरकर ने इस वाहन वापसी के पत्र की एक प्रतिलिपि मनपा के कारखाना विभाग के कार्यकारी अभियंता को भी सूचनार्थ और आगे की कार्यवाही के लिए भेजी है जिसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इस पत्र और गाड़ी को जमा करने की प्रक्रिया को स्वीकार कर लिया गया।

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