होर्डिंग माफिया पर हाई वोल्टेज प्रहार, हाई कोर्ट ने मनपा से पूछा सिर्फ नोटिस या ठोस कार्रवाई भी होगी?
NMC Hoarding Fine: बॉम्बे हाई कोर्ट ने नागपुर में अवैध राजनीतिक होर्डिंग्स पर कड़ा रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति अनिल किलोर ने मनपा से डिफॉल्टरों पर जुर्माने और नई नीति पर जवाब मांगा है।
- Written By: गोरक्ष पोफली
शहर में लगे होर्डिंग की प्रतीकात्मक फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
Illegal Hoardings Nagpur High Court: नागपुर शहर की सार्वजनिक संपत्ति को विरूपित करने और अवैध होर्डिंग्स के जरिए अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन करने वालों पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने कड़ा प्रहार किया है। दिनेश नायडू द्वारा दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अनिल किलोर और न्यायमूर्ति राज वाकोडे की खंडपीठ ने नागपुर महानगरपालिका (NMC) की सुस्त कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी जताई।
मनपा की ‘रियायत’ पर कोर्ट के तीखे सवाल
हाई कोर्ट ने इस बात पर आश्चर्य जताया कि अदालत द्वारा बार-बार जुर्माना लगाने और सख्त कदम उठाने के सुझावों के बावजूद, मनपा प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता तुषार मंडलेकर ने कोर्ट को बताया कि कैसे शहर की दीवारों और चौराहों को विज्ञापनों से पाट दिया गया है।
अदालत ने मनपा के वकील को सख्त निर्देश दिया कि वे रिकॉर्ड पर यह स्पष्ट करें कि अवैध होर्डिंग लगाने वाले डिफॉल्टरों को कानूनी नोटिस दिए गए हैं या नहीं। कोर्ट ने कहा कि उन सभी को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाए और उसके तुरंत बाद भारी जुर्माना लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाए। विशेष रूप से विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान सामने आई अवैध होर्डिंग्स की सूची की भी गहन जांच करने के आदेश दिए गए हैं।
सम्बंधित ख़बरें
Bombay High Court की नागपुर बेंच का अहम निर्देश, जब्त किए गए नोट बदलने से इनकार नहीं कर सकता RBI
आसमान से आग, नीचे बिजली की मार, नागपुर में 45 डिग्री की ओर बढ़ता पारा और महावितरण की नौटंकी
साहित्य संघ की क्लास में बैठेंगे टैक्सी वाले, भाषाई barrier दूर करने के लिए सरकार का बड़ा मास्टरस्ट्रोक
चिलचिलाती धूप और कामकाजी दिन के बावजूद उत्साहजनक मतदान, पांच स्थानों पर बदली गईं VVPAT मशीनें
क्या होगी नई ‘होर्डिंग नीति’?
अवैध होर्डिंग्स की इस बेलगाम समस्या से निपटने के लिए, न्यायालय ने मनपा से पूछा है कि क्या उनके पास कोई नई और प्रभावी नीति (New Policy) है?
- सोमवार तक प्रशासन को अपनी भावी नीति और कार्ययोजना पर अदालत को सूचित करना होगा।
- अदालती कार्यवाही को सरल बनाने के लिए कोर्ट ने प्रतिवादी संख्या 6 से 147 के नाम हटाने के निर्देश दिए हैं, ताकि मुख्य दोषियों पर ध्यान केंद्रित किया जा सके।
- कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अब तक की सभी टिप्पणियां मुख्य रूप से मनपा की विफलता के खिलाफ हैं।
राजनेताओं की ‘दबंगई’ पर गंभीर चिंता
न्यायालय ने राजनेताओं और प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा अपना दबदबा दिखाने के लिए लगाए गए अवैध होर्डिंग्स पर सख्त रुख अपनाया। कोर्ट ने इसे ‘निंदनीय’ बताते हुए कहा कि राजनीतिक संरक्षण के कारण प्रशासन इनके खिलाफ कार्रवाई करने से कतराता है। इस ‘दबंगई’ और अवैध कब्जे की प्रवृत्ति को रोकने के लिए हाई कोर्ट ने प्रशासन को तत्काल प्रभाव से कड़े कदम उठाने के आदेश दिए हैं।
यह भी पढ़ें: आसमान से आग, नीचे बिजली की मार, नागपुर में 45 डिग्री की ओर बढ़ता पारा और महावितरण की नौटंकी
नागपुर तो बस शुरुआत है, अब पूरे राज्य की बारी
कोर्ट ने अपने आदेश के दायरे को विस्तार देते हुए एक बड़ी चेतावनी दी है। अदालत ने कहा कि अवैध होर्डिंग्स पर प्रतिबंध लगाने का यह अभियान केवल नागपुर तक सीमित नहीं रहेगा। एक बार नागपुर का मामला सुलझ जाने के बाद, इसी मॉडल को महाराष्ट्र के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य पूरे राज्य की सार्वजनिक संपत्तियों को सुरक्षित रखना और विरूपण से बचाना है।
