

NMC Education Committee Chairperson Dispute: नागपुर महानगरपालिका (NMC) की शिक्षा समिति की सभापति लढ्ढा एक बार फिर से प्रशासनिक और राजनीतिक विवादों के घेरे में आ गई हैं। इस बार उनकी आधिकारिक सरकारी गाड़ी पर गैर-कानूनी तरीके से ‘महाराष्ट्र सरकार’ का बोर्ड लगाने का मामला उजागर हुआ है। नियमों के उल्लंघन की जानकारी सामने आते ही महापालिका के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वाहन से उक्त विवादित फलक को हटवा दिया है। हालांकि, इस घटना ने मनपा के पदाधिकारियों द्वारा अपने अधिकारों के बेजा इस्तेमाल को लेकर गंभीर चर्चाएं छेड़ दी हैं।
यह विवाद केवल गाड़ी तक ही सीमित नहीं है। हाल ही में आयोजित नागपुर मनपा की आम सभा में कांग्रेस नगरसेवक वसीम खान ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली से जुड़ा एक प्रश्न उठाया था। प्रशासनिक नियमों के तहत संबंधित प्रश्न का जवाब मनपा के प्रशासनिक अधिकारियों को देना था, लेकिन आरोप है कि सभापति लढ्ढा ने अधिकारियों की जगह स्वयं उत्तर देना शुरू कर दिया।
विवाद तब और गहरा गया जब सदन में दिए गए इस भाषण की वीडियो रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी गई। इस पर आपत्ति जताते हुए नगरसेवक वसीम खान ने मनपा आयुक्त से लिखित शिकायत दर्ज कराई है। खान का आरोप है कि प्रशासन नियमों के क्रियान्वयन में पक्षपात कर रहा है।
खान के अनुसार, जब उन्होंने सोशल मीडिया रील के लिए अपने ही भाषण का महज 10 सेकंड का म्यूट फुटेज मांगा था, तो प्रशासन ने सदन के नियमों का हवाला देकर देने से इनकार कर दिया। वहीं दूसरी ओर, सत्ताधारी दल के प्रमुख पदाधिकारियों को सदन की कार्यवाही के वीडियो आसानी से उपलब्ध कराए जा रहे हैं और वे उन्हें सोशल मीडिया पर शेयर भी कर रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, नागपुर मनपा के कुछ सभापति अपने-अपने विभागों के विकास कार्यों की फाइलों को सीधे अपने माध्यम से ही आगे बढ़ाने का दबाव प्रशासन पर बना रहे हैं, जिससे अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच शक्तियों के संतुलन पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल GAD ने वाहन से बोर्ड तो हटवा दिया है, लेकिन नगरसेवकों का कहना है कि नियमों का पालन सभी के लिए समान रूप से होना चाहिए।