

Futala Fountain Clean Water Pipeline: उपराजधानी नागपुर के कई रिहायशी इलाकों में जहां नागरिक रोजाना पीने के पानी की समस्या से जूझ रहे हैं, वहीं शहर के फुटाला तालाब में स्थित संगीतमय फुहारा (Futala Musical Fountain) परियोजना को सुचारू रखने के लिए साफ पानी की एक अलग पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू हो गया है। शहर में जारी जल संकट के बीच मनोरंजन परियोजना के लिए पीने योग्य साफ पानी आवंटित करने के इस फैसले से स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी और रोष व्याप्त हो गया है।
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, फुटाला झील के पानी में अत्यधिक मात्रा में गाद (Silt) और कचरा जमा होता है। जब भी फाउंटेन चालू किया जाता है, तो झील का गंदा पानी इसके बारीक नोजल (Nozzles) में फंस जाता है, जिससे फाउंटेन बार-बार जाम होकर बंद हो जाता है। इसी तकनीकी खराबी को दूर करने और नोजल को सुरक्षित रखने के लिए अब सीधे फाउंटेन तक पीने योग्य साफ पानी पहुंचाने की योजना बनाई गई है और इसके लिए पृथक पाइपलाइन का काम तेजी से चल रहा है।
इस फैसले ने फुटाला और आसपास की बस्तियों के निवासियों को सशंकित कर दिया है। वर्तमान में क्षेत्र के नागरिकों को प्रतिदिन औसतन लगभग चार घंटे ही जलापूर्ति मिल रही है। स्थानीय लोगों को डर है कि यदि फाउंटेन के संचालन के लिए मुख्य पेयजल आपूर्ति नेटवर्क से पानी लिया जाता है, तो उनके हिस्से का पानी घटकर दो घंटे या उससे भी कम रह जाएगा। नागरिकों का कहना है कि झील के पानी को रिसाइकिल (Recycle) करने या नोजल में एडवांस्ड फिल्ट्रेशन सिस्टम लगाने के बजाय सीधे साफ पानी का उपयोग करना जनहित के खिलाफ है।
नागपुरवासियों का सवाल है कि जब शहर के कई हिस्सों में नल सूखे पड़े हैं और लोग वाटर टैंकरों पर निर्भर हैं, तब फाउंटेन के सौंदर्यीकरण के लिए पानी का ऐसा उपयोग किस प्रकार का विकास है? अब प्रशासन और नागपुर महानगरपालिका (NMC) पर यह स्पष्ट करने का दबाव बढ़ गया है कि इस पाइपलाइन के लिए पानी किस जलस्रोत से लिया जाएगा और क्या इससे नागरिकों की नियमित पेयजल आपूर्ति पर कोई प्रतिकूल असर पड़ेगा या नहीं।